कोटा | वैसे तो देश में चुनाव के द्वारा जन प्रतिनिधियों को चुना जाता है लेकिन ये जन प्रतिनिधि कब मालिक बन जाते है यह जनता को पांच साल बाद ही पता चलता है. वही अगर जनप्रतिनिधि कोई महिला है तो उसका पति सामाजिक बन्धनों की वजह से जनप्रतिनिधि बन जाता है. अब राजस्ठान के कोटा की विधायक के पति को ही ले लो. इन्होने पुलिस कर्मी को केवल इसलिए थप्पड़ मार दिया क्योकि वो इनकी दादागिरी का विरोध कर रहा था.

दरअसल कोटा के महावीर नगर में कुछ में पुलिसकर्मी बिना हेलमेट वाले बाइक सवारों का चालान काट रहे थे. इस दौरान पुलिस वालो ने किसी बीजेपी कार्यकर्ता का भी चालान काट दिया. बस फिर क्या था, महावीर नगर पर कुछ ही देर में काफी संख्या में बीजेपी कार्यकर्त्ता इकठ्ठा हो गए और हंगामा करने लगे. पुलिस वालो ने भी उनको पहले समझाया लेकिन नही मानने पर थोड़ी सख्ती करनी पड़ी.

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इस हंगामे का नेतृत्व कोटा से विधायक चंद्रकांता मेघवाल के पति नरेन्द्र मेघवाल कर रहे थे. नरेन्द्र मेघवाल अपने समर्थको के साथ थाने पहुंचे और सीआई के साथ नोकझोंक करने लगे. इससे वहां का माहौल गर्म हो गया और नरेन्द्र मेघवाल ने तांव में आकार सीआई को थप्पड़ मार दिया. इससे थाने में बवाल मच गया. दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गयी जिसको रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.

मामला बढता देख राज्य सरकार की और से भी सफाई आई. सरकार की और से मंत्री राजेंद्र राठौर ने कहा की किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नही है. चाहे दोषी कोई भी हो, मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी. हंगामे की सूचना मिलने पर थाने पहुंचे पुलिस अधिकारियो ने एक अधिकारी और तीन अन्य को लाइन हाजिर कर दिया. इसके अलावा नरेन्द्र मेघवाल के साथ कुछ अन्य बीजेपी कार्यकर्ताओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गयी.

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