केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज आगामी 2019 का लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेंगी। अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए मध्य प्रदेश के इंदौर में स्वराज ने कहा कि मैंने मन बनाया है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में मैं नहीं लड़ूंगी। सुषमा स्वराज ने कहा कि फैसला पार्टी को लेना है, मगर उन्होंने अगला चुनाव नहीं लड़ने का मन बना लिया है।

सुषमा मध्यप्रदेश के विदिशा से लोकसभा सदस्य हैं। वे देश की सबसे युवा विधायक और किसी राज्य की सबसे युवा कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं। सुषमा 2009 और 2014 में विदिशा से लोकसभा चुनाव जीतीं। 2014 में उन्होंने कांग्रेस के लक्ष्मण सिंह को चार लाख से ज्यादा वोट से हराया था।

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साल 2016 में बुखार और निमोनिया के लक्षण के साथ सीने में जकड़न की समस्या होने पर एम्स में भर्ती कराया गया था। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का गुर्दा प्रत्यारोपण किया गया था। साल 2016 में 10 दिसंबर को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 50 डॉक्टरों के एक दल द्वारा सुषमा स्वराज का किडनी प्रत्यारोपण किया गया था।

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सुषमा स्वराज एक भारतीय राजनीति में बड़ा नाम रखती हैं। खासकर महिला राजनीति में। सुषमा स्वराज साल 2009 में भारतीय जनता पार्टी द्वारा संसद में विपक्ष की नेता चुनी गयी थीं, इस नाते वे भारत की पन्द्रहवीं लोकसभा में प्रतिपक्ष की नेता रही हैं। इसके पहले भी वे केन्द्रीय मन्त्रिमण्डल में रह चुकी हैं तथा दिल्ली की मुख्यमन्त्री भी रही हैं।

सुषमा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा- कांग्रेस पार्टी के सामने सबसे बड़ी दुविधा यह है कि वह राहुल गांधी को जनता के सामने किस रूप में पेश करे। राहुल कभी मंदिर जाते हैं, तो कभी मानसरोवर चले जाते हैं। वे खुद को जनेऊधारी ब्राह्मण कहते हैं।

उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार ने मप्र में विकास के कई कार्य किए हैं। उनके खिलाफ किसी भी प्रकार की कोई विरोधी लहर नहीं है। सत्ता विरोधी लहर तब होती, जब सामने कोई बड़ा नेतृत्व होता है।

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