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बेंगलुरु: कर्नाटक में चर्चित खनन कारोबारी और बीजेपी नेता जी जनार्दन रेड्डी 600 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी के मामले में पुलिस के संदेह के घेरे में आ गए हैं। रेड्डी पर निवेश धोखाधड़ी के मामले में आरोपी सैयद अहमद फरीद की ‘मदद’ करने का आरोप है।

पुलिस ने कहा है कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि रेड्डी और उनके सहयोगी अली खान को ईडी के अधिकारियों से ‘सौदा’ करने के लिए फरीद से 57 किलो सोना (18 करोड़ रुपये मूल्‍य) मिला था।  सीसीबी पुलिस ने रेड्डी से संबंधित बेंगलुरु की एक प्रॉपर्टी में तलाशी अभियान चलाया। सीनियर पुलिस अफसरों ने बताया कि पूर्व मंत्री छिप गए हैं।

बेंगुरु पुलिस कमिश्नर टी सुनील कुमार ने बुधवार को बताया कि सीसीबी पुलिस को रेड्डी के बारे में उस वक्त पता चला जब वह वित्तीय सेवाएं देने वाली कंपनी एमबिएंट के खिलाफ धोखाधड़ी के एक मामले की जांच कर रही थी। इस कंपनी पर 15 हजार लोगों को पॉन्जी स्कीम्स के जरिए 600 करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप है। कंपनी ने अपने निवेशकों से 40 प्रतिशत तक का रिटर्न देने का वायदा किया था।

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सीसीबी ने पाया कि एमबिएंट के संस्थापक सैयद अहमद फरीद ने इस साल बेंगलुरु पुलिस की ओर से मामले दर्ज किए जाने के बाद ईडी की जांच से बचने के लिए पूर्व मंत्री से संपर्क किया था। पुलिस का कहना है कि रेड्डी ने मदद के बदले सोने के रूप में 20 करोड़ रुपये की मांग की।

सीसीबी के मुताबिक, इसके बाद 20 करोड़ रुपये कीमत का सोना कथित तौर पर फरीद ने बेल्लारी के राजमहल फैंसी जूलर्स को ट्रांसफर किया। यह दुकान रेड्डी और उनके समूह से संबंधित है। बाद में जूलर ने कथित तौर पर इस सोने को रेड्डी को सौंप दिया।

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