kp ramanunni

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केंद्र और देश के विभिन्न राज्यों की बीजेपी शासित सरकारों पर साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता लेखक के. पी. रामानुन्नी ने हिंदू चरमपंथियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.

आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “(केंद्रीय) सरकार हिंदू सांप्रदायिक चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। वह इस मुद्दे से बच रही है. यह अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा देने जैसा है.” उन्होंने कहा, “जब बात अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार की आती है तो वे (सरकार) कानून के तहत सख्त कदम नहीं उठाते हैं. अल्पसंख्यक असुरक्षित हैं.”

रामानुन्नी ने आईएएनएस से कहा, “सांप्रदायिक घृणा कैंसर की तरह है और जब यह हो जाता है तो इसे रोक पाना बहुत मुश्किल होता है.” यह पूछने पर कि क्या आपको लगता है कि सांप्रदायिक घटनाएं वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद बढ़ गई हैं, उन्होंने कहा, ‘हां.’

उन्होंने कहा, “वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद कई सांप्रदायिक मुद्दे उठे हैं. जब मैं सांप्रदायिक कहता हूं तो मेरा दोनों पक्षों से मतलब नहीं होता, यह अधिकतर हिंदू समुदाय के लिए है जो मुस्लिमों के साथ असहिष्णुता बरत रहे हैं.”  उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात राष्ट्र के हित के लिए खराब हैं.

रामानुन्नी ने जुनैद की हत्या को हिंदू संस्कृति के लिए शर्मनाक करार देते हुए कहा कि जुनैद की हत्या इसलिए कर दी गई क्योंकि वह मुस्लिम था और यह सच्ची और असली हिंदू संस्कृति के लिए शर्मनाक है. ध्यान रहे रामानुन्नी ने अपनी साहित्य अकदामी पुरस्कार की इनामी राशि मंच से ही जुनैद खान की मां को दी थी.

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