मुंबई | महाराष्ट्र में हुए नगर निगम के चुनावो में बीजेपी को बम्पर जीत मिली है. बीजेपी ने 10 महागर पालिकाओ में से 7 पर जीत दर्ज की है. वही बीएमसी में भी बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया है. पिछले चुनावो में बीजेपी को केवल 31 सीटो से संतोष करना पड़ा था लेकिन इन चुनावो में उसने लगभग ढाई गुना ज्यादा सीटे जीतते हुए 82 सीटो पर कब्ज़ा किया.

बीएमसी में शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है लेकिन बीजेपी और उसमे केवल दो सीटो का फांसला है. शिवसेना 84 सीटो के साथ नम्बर एक पोजीशन पर है. लेकिन फिर भी सरकार किसी की दल की नही बनती दिख रही है. बहुमत के लिए जरुरी आंकड़ा 114 तक पहुँचने के लिए शिवसेना को बीजेपी या कांग्रेस में से किसी एक के साथ हाथ मिलाना पडेगा.

इस उहापोह की स्थिति में शिवसेना के लिए राहत की खबर है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शिवसेना के साथ जाने का संकेत दिया है. एक टीवी न्यूज़ चैनल को दिए गए इंटरव्यू में गडकरी ने कहा की दोनों पार्टियों के नेता समझदार है. बीएमसी में चर्चा के बाद दोनों पार्टिया साथ आ सकती है. मेयर के पद पर शिवसेना की दावेदारी पर उन्होंने कहा की यह तो बैठकर तय किया जा सकता है.

नितिन गडकरी ने शिवसेना को बीजेपी नेताओ के खिलाफ जहर नही उगलने की सलाह देते हुए कहा की हम दोनों पार्टिया ‘हिंदुत्व’ के मुद्दे पर एक हुए. हमारे विचार एक है. हाँ चुनाव से पूर्व हमारे बीच मतभेद थे लेकिन अगर पद को सेकंड्री मान कर बातचीत करे तो यह महाराष्ट्र और मुंबई , दोनों के लिए बेहतर होगा. इसलिए दोस्त होने के नाते शिवसेना को मोदी और बीजेपी नेताओ के खिलाफ अपने मुखपत्र ‘सामना’ में लिखना बंद करना चाहिए.

गडकरी ने आगे कहा की इससे हमारे कार्यकर्त्ता निराश होते है. यह दोनों ही पार्टियों की भलाई के लिए भी सही नही है. उम्मीद करता हूँ की चुनावो में आई सभी कड़वाहट भविष्य में दूर होगी. बीएमसी पर उन्होंने फिर दोहराया की इसका फैसला करने का अधिकार उद्धव ठाकरे और देवेन्द्र फडनविस के पास है. वो ही साथ बैठकर कोई हल निकाल सकते है.


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