ट्रिपल तलाक को गैर जमानती अपराध बनाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार गुरुवार को लोकसभा में विधेयक पेश कर सकती है. इस विधेयक में एक बार में तीन तलाक देने वाले को तीन साल तक की कैद और जुर्माने का प्रावधान है.

बिल को आसानी से पास कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सांसदों को व्हिप जारी कर सदन में मौजूद रहने के लिए कहा है. कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ट्रिपल तलाक बिल पेश करेंगे.

बुधवार को सदन में लिखित उत्तर में कानून मंत्री ने कहा, विधेयक तैयार करने में मुस्लिम संगठनों से कोई बातचीत नहीं की गई. उन्होंने कहा, सरकार का मानना है कि यह मुद्दा लैंगिक न्याय, लैंगिक समानता और महिलाओं की गरिमा की मानवीय अवधारणा से जुड़ा हुआ है और इसका आस्था और धर्म से कोई संबंध नहीं है.

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इसी साल 22 अगस्त को तीन तलाक को एक साथ देना असंवैधानिक करार दिया था. जिसके बाद 15 दिसंबर को मुस्लिम महिला (विवाह संरक्षण अधिकार) विधेयक, 2017 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई.

इस सबंध में मुस्लिम समुदाय में काफी रोष है. मुस्लिम संगठनों का कहना है कि मोदी सरकार द्वारा सीधे तौर पर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला किया जा रहा है.

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