rbi

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति का विवरण जारी करते हुए महंगाई बढ़ने के संकेत दिए है. आरबीआई ने जीडीपी ग्रोथ की अनुमानित दर में 0.6 प्रतिशत की कटौती की है. साथ ही वित्त वर्ष 2018 में देश की जीडीपी 6.7 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है.

आरबीआई ने मौद्रिक नीति समिति ने ताजा द्वीमासिक समीक्षा में मुख्य नीतिगत दर रीपो 6 प्रतिशत पर बरकरार रखा. वहीं, रिवर्स रीपो रेट भी 5.75 प्रतिशत जबकि सीआरआर 4 प्रतिशत पर कायम है, हालांकि एसएलआर 0.5% घटाकर 19.5% कर दिया गया है.

मंहगाई के बढ़ने की और इशारा करते हुए कहा कि देश का उत्पादन क्षेत्र अब भी सुस्त रफ्तार से चल रहा है. जिसके चलते आरबीआई ने मंहगाई दर के 4.2-4.6 प्रतिशत तक रहने का अनुमान व्यक्त किया है. माना जा रहा है कि पेट्रोल, डीजल की बढ़ रही कीमतें भी देश में मंहगाई बढ़ाने में भूमिका निभाएंगी.

वित्त मंत्रालय ने रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति की समीक्षा का संज्ञान लिया है. इस सबंध में वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद देश का उत्पादन क्षेत्र प्रभावित हुआ है.

 एडिशनल सेक्रेटरी स्तर के अधिकारी के अनुसार जीएसटी लागू होने के बाद उत्पादन क्षेत्र ने पुराने मॉल की खपत के लिए उत्पादन करीब-करीब बंद कर दिया था. ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर पुराने मॉल को खपाया जा सके और इसके बाद जीएसटी को केन्द्र में रखकर नये मूल्य पर सामान बाजार में भेजा जा सके.

Loading...

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें