केंद्र की मोदी सरकार ने नई हज नीति में लगी उस रोक को हटा लिया है. जिसमे दिव्यांगों के हज पर जाने पर पाबंदी लगाई गई थी.

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि इन दिशानिर्देश का पालन पिछले 60 सालों या उससे भी अधिक समय से किया जा रहा है. संभव है कि सऊदी अरब के कुछ प्रतिबंध थे. हालांकि इस साल से विक्लांग लोगों को हज पर जाने की अनुमति दी जाएगी.

ध्यान रहे अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय की समिति की रिपोर्ट के बाद नई हज नीति में शारीरिक और मानसिक रूप से दिव्यांग लोगों को मक्का-मदीना की हजयात्रा पर रोक लगा दी गई थी. इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और भारतीय हज समिति को नोटिस जारी कर जवाब माँगा था.

दरअसल, अधिवक्ता गौरव बंसल की तरफ से दायर की गई याचिका में नई हज नीति को रद्द करने की मांग करते हुए कहा गया कि नई हज नीति के कुछ प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 14, 21 और 25 के तहत प्राप्त समानता और धार्मिक आजादी के अधिकारों के खिलाफ हैं.

हालांकि अब मंत्रालय की वेबसाइड से इस खंड को बाहर कर दिया गया और लिखा गया है कि ‘हज पात्रता का यह खंड अभी समीक्षाधीन है.

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