idbi

एक के बाद एक सामने आ रहे देश में बैंक फर्जीवाड़े के मामलों के बीच अब इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (IDBI) में 772 करोड़ रुपये के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है.

बैंक ने बुधवार (28 मार्च) को बताया कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना की पांच शाखाओं से फर्जी तरीके से 772 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया है. करोड़ों रुपये के घोटाले की जानकारी सामने आते ही IDBI का शेयर 3.5 फीसद तक लुढ़क गया.

इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है. आईडीबीआई बैंक ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को दी फाइलिंग में कहा कि यह घोटाला लोन के माध्यम से हुआ और इनमें से कुछ लोन वर्ष 2009 से 2013 के दौरान फिश फार्मिंग के लिए दिए गए थे.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

बैंक के अनुसार, साल 2009-2013 में मछली पालन व्यवसाय के लिए के आईडीबीआई ने लोन जारी किए. बैंक ने बताया कि इन लोन को गैर-मौजूद मछली तालाबों के पट्टे के लिए नकली दस्तावेजों पर लिया गया. इसके साथ ही गारंटी की रकम को बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया. कंपनी ने इस लोन को देने में गड़बड़ी पाई है.

ये लोन दो अधिकारियों ने जारी किए जिसमें से एक अधिकारी को बैंक ने बर्खास्त कर दिया है वहीं इस मामले में लिप्त दूसरे अधिकारी पहले ही रिटायर हो चुके हैं.  ये केस आईडीबीआई बैंक के बशीरबाग और गुंटूर ब्रांच से जुड़े हुए हैं.

Loading...