नई दिल्ली | उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अप्रत्याशित नतीजे आने के बाद विपक्षी दलों ने ईवीएम मशीन में गड़बड़ी की आशंका व्यक्त की है. इसको लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कोर्ट जाने का भी फैसला किया है. हालाँकि ईवीएम् के इस्तेमाल पर रोक लगाने सम्बन्धी एक याचिका पहले ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने 8 हफ्तों बाद सुनवाई करने का फैसला किया है.

उधर ईवीएम् मशीन के खिलाफ भारत मुक्ति मोर्चा ने भी मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने चुनाव आयोग से ईवीएम् की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है. ऐसा न करने की सूरत में भारत मुक्ति मोर्चा ने पुरे देश में आन्दोलन करने की चेतावनी भी दी है. सोमवार को इसके बैनर तले धरना प्रदर्शन किया गया और आगामी रणनीति को तैयार किया गया.

भारत मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओ ने धरने के दौरान बताया की ईवीएम् की वजह से लोगो का जनतंत्र से विश्वास उठता जा रहा है. इसके माध्यम से चुनाव में महाब्रह्म घोटाला हो रहा है. इसलिए हमारी चुनाव आयोग से मांग है की वो आगामी चुनावो को बैलेट पेपर से संपन्न कराये. इसके अलावा भारत मुक्ति मोर्चा ने ईवीएम् हटाओ लोकतंत्र बचाओ के नाम से राष्ट्रव्यापी आन्दोलन शुरू करने का भी फैसला किया है.

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गुलाब प्रसाद ने बताया की पुरे देश में पांच चरणों में यह आन्दोलन किया जाएगा. पहले चरण में सभी राज्यों के 550 जिलो में श्रंखलाबद्ध रैली प्रदर्शन, दुसरे चरण में 530 जिलो के अन्दर रैली प्रदर्शन , तीसरे चरण में 24 घंटे के लिए राष्ट्रिय राजमार्ग अवरुद्ध करना, चौथे चरण में 72 घंटे के लिए राष्ट्रिय राजमार्ग अवरुद्ध करना और पांचवे चरण में रेल रोको अन्दोलन किया जाएगा.

उधर ईवीएम् छेड़छड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 8 हफ्ते बाद सुनवाई करने का फैसला किया है. वकील एम् एल शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अज्ञात लोगो के खिलाफ ऍफ़आईआर दर्ज कराने सम्बन्धी आदेश देने से इनकार कर दिया. इसके अलावा कोर्ट ने याचिकर्ता से कहा की वो सीबीआई को इस मामले में पक्षकार बनाए. मालूम हो की कोर्ट पहले ही चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांग चूका है.

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?