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सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST एक्ट के लगातार हो रहे दुरूपयोग का हवाला देकर आरोपी की तुरंत गिरफ़्तारी पर रोक लगा दी है. ऐसे में अब दलित और आदिवासी संगठनों ने देशभर में 2 अप्रैल को भारत बंद बुलाया है.

इसी बीच केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि SC/ST एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार सोमवार को पुनर्विचार याचिका दायर करेगी.

भारत बंद की अपील करने वाले अनुसूचित जाति-जनजाति संगठनों के अखिल भारतीय महासंघ के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव केपी चौधरी का कहना है कि  “पिछले दिनों अनुसूचित जाति और जनजाति (प्रिवेंशन ऑफ़ एट्रोसिटीज़) ऐक्ट में त्वरित कार्रवाई के प्रावधान को कमज़ोर करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से दलित संगठन गुस्से में है.”

उन्होंने कहा, “उस क़ानून से इस समाज का जो बचाव होता था. एससी-एसटी ऐक्ट के तहत रुकावट थी कि इस समाज के साथ ज़्यादती करने पर क़ानूनी दिक्कतें आ सकती थीं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से ये रुकावटें पूरी तरह ख़त्म हो गई हैं. इस वर्ग का प्रत्येक व्यक्ति दुखी और आहत है और ख़ुद को पूरी तरह से असुरक्षित महसूस कर रहा है.”

पंजाब में भारत बंद को देखते हुए रविवार 5 बजे से सोमवार 11 बजे रात तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं. स्कूल कॉलेज भी बंद रहेंगे. साथ ही राज्य सरकार ने सोमवार को सरकारी परिवहन सेवा को निलंबित कर दिया है. बंद को लेकर पंजाब सरकार ने राज्य में मौजूद सभी आर्मी बेस कैंपस की यूनिट को अलर्ट पर रहने की दरख्वास्त भेजी. इसके साथ ही राज्य में कल होने वाली दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं.

पंजाब के प्रमुख सचिव करन ए सिंह ने केंद्र सरकार रक्षा सचिव को पत्र लिखकर सैन्य बलों की मांग की है ताकि किसी आपात स्थिति से निपटा जा सके और कानून व्यवस्था को कायम रखा जा सके. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी प्रदर्शन के दौरान दलित संगठनों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है.

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