बेंगलुरु में होने वाले एयर शो के एक दिन पहले वहां एक बड़ा हादसा हो गया है. मंगलवार को वहां रिहर्सल के दौरान एयरफोर्स के दो प्लेन हवा में ही आपस में टकरा गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हादसे में एक पायलट की मौ’त हो गई. हादसे में तीन पायलट शामिल थे. दो लोग घा’यल हैं.

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बता दें कि सूर्यकिरण टू सीटर विमान होते हैं. सूर्यकिरण एयरफोर्स की एक्रोबेटिक टीम का हिस्सा हैं जिसका इस्तेमाल ट्रेनिंग और एयर शो में करतब दिखाने के लिए होता है. सूर्यकिरण में हॉक विमानों का इस्तेमाल होता है. पुराने किऱण विमान की तुलना में हॉक काफी एडवांस है. ये काफी तेज और फुर्तीला है. पहले सूर्यकिरण टीम इंटरमीडिएट जेट ट्रेनर किरण का इस्तेमाल करती थी. ये नौ विमानों के फोरमेशन के फ्लाई करते थे.

इससे पहले मार्च 2006 में बीदर के निकट अभ्यास के दौरान एक विमान क्रैश हो गया था। इस हादसे में विंग कमांडर धीरज भाटिया और स्क्वाड्रन लीडर शैलेन्द्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी तरह जनवरी 2009 में बीदर में ही एक प्रदर्शन के दौरान विंग कमांडर आरएस धालीवाल का विमान क्रैश हो गया था।

एयर फोर्स की ब्रांड एम्बेसडर बन चुकी सूर्य किरण टीम में सिर्फ 13 पायलट होते हैं। इनके चयन के मापदंड बहुत ऊंचे हैं। सिर्फ लड़ाकू फाइटर जेट उड़ाने वाले पायलट ही इसमें चुने जाते हैं। प्रत्येक पायलट को कम से कम 2000 घंटों की उड़ान का अनुभव होना अनिवार्य होता है। साथ ही 1000 घंटे तक सूर्यकिरण विमान उड़ाने का अनुभव भी होना चाहिए। सभी पायलट विमान प्रशिक्षक होने चाहिए। इस टीम में उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए होती है।

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