सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बिना बाबरी मस्जिद की जमीन पर राम मंदिर के निर्माण की बात करने वाली बीजेपी और संघ परिवार पर द्वारका-शारदापीठ एवं ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज भड़क उठे है। उन्होने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना राम मंदिर का निर्माण असंभव है।

कोन्नगर स्थित राज राजेश्वरी सेवा मठ में शनिवार को उन्होने कहा कि देश में महंगाई बढ़ रही है। रुपये की कीमत क्रम से घट रहे हैं। ऐसी स्थिति में जनता के असंतोष से बचने के लिए राम मंदिर का मुद्दा उठाया जा रहा है, परंतु कोई भी सरकार आ जाये, लेकिन राम मंदिर का निर्माण बगैर कोर्ट की अनुमति से नहीं हो सकता है।

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उन्होंने बताया कि राम मंदिर आसमान में तो नहीं बन सकता है, जब तक कोर्ट का आदेश नहीं आ जाता तब तक मंदिर बनाना असंभव है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम  मंदिर बने, लेकिन उसमें कोई विवाद ना हो। उन्होने कहा, धर्म निरपेक्ष देश में कोर्ट का निर्णय ही अंतिम हो सकता है।

शंकराचार्य जी ने यह भी कहा वर्तमान समय में शासन से जनता त्रस्त है। सरकार द्वारा किया गया हर वादा विफल है।सरकार ने गौ मांस बंद करने की बात कही थी लेकिन वह बंद नहीं हुई। आज वह सबसे बड़ा निर्यातक देश है। मुसलमानों के लिए गौ मांस का व्यापार होता है ऐसा नहीं है, गौ मांस का व्यापार डालर के लिए किया जा रहा हैं।

उन्होने कहा, सरकार ने अपने  राजस्व बढ़ाने के लिए अब गौ मांस के साथ-साथ शराब बिक्री पर भी छूट दे रखी है। ड्रग्स के कारोबार बढ़ा है। सरकार ने गंगा की धारा को अविरल और पवित्र बनाने की बात कही थी उस काम में भी विफल है. आतंकवाद खत्म कर देने की बात कही थी लेकिन कहां खत्म हुई। इसके बाद नोटबंदी कर दी, इस कारण लाइन में लगे 150 लोगों की मौत बैंक से रुपए निकालने के दौरान हो गई।

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