नई दिल्ली। बागपत में ट्रेन में तीन मौलानाओं की पिटाई किए जाने की घटना का भारत की सबसे बड़ी छात्रों के संगठन मुस्लिम स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया ने कड़ा विरोध किया है. एमएसओ का साफ कहना है कि इस तरह की घटनाएं स्वीकार नहीं की जा सकती हैं. अल्पसंख्यकों को इस तरह से निशाना बनाना ठीक नहीं है.

एमएसओ के महासचिव अब्दुल कादिर हमदानी ने कहा कि बागपत के घटना की जितनी भी निंदा की जाए कम है. सरकार को जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करना चाहिए. साथ ही उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. हमदानी ने कहा कि यूपी में इस तरह अल्पसंख्यकों पर हमले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. अगर सरकार ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की, तो सड़कों पर उतरकर इसके खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा.

वहीं हमदानी ने एक टीवी चैनल के एंकर द्वारा हजरत फातिमा (रजि0) और हजरत आयशा (रजि0) के पर की टिप्पणी की भी आलोचना की. हमदानी ने कहा कि एंकर की मानसिकता बताती कि वह बिना किसी बात के इस तरह की टिप्पणी की है.

हमदानी ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर किसी की धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। उन्होंने की मांग की है कि या तो एंकर अपने वक्तव्य के लिए माफी मांगे नहीं तो उनके खिलाफ सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए।

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