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महाराष्ट्र के मनमाड में बच्चे चोरी होने की अफवाह के चलते हजारों की भीड़ पाँच लोगों को बुरी तरह से पीट रही थी। जिसमे एक महिला और मासूम बच्चा भी शामिल है। लेकिन फरिश्ते के तौर पर पहुंचे वसीम ने इन लोगों को अपनी जान पर खेलकर बचाया।

जान लेने पर उतारू उग्र भीड़ को वसीम ने समझाने की कोशिश की कि ये सभी बच्चा चोर गिरोह के सदस्य नहीं है। लेकिन उन्मादी भीड़ मानने को तैयार ही नहीं हुई। आखिर मे अपनी जान को जोखिम मे डाल वसीम ने सभी को उग्र भीड़ के चंगुल से निकाल अपने घर में छुपाया।

लेकिन उग्र भीड़ को ये रास नहीं आया और उसने वसीम के घर पर भी हमला कर दिया।  इस दौरान सूचना मिलने पर पुलिस की एक टीम भी मौके पर पहुंची। जिसे भीड़ और भड़क उठी और वो पांचों लोगों को उनके हवाले करने की मांग करने लगे।

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इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस की टीम पर हमला करा दिया और गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी। अपर पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने बताया कि उग्र भीड़ पर काबू करने के लिए पुलिस को बलप्रयोग करना पड़ा। उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि वसीम की वजह से ही पांच लोगों की जिंदगी बची है।

बता दें कि इस तरह से ही बच्चा चोर की अफवाह पर धुले जिले के साकरी तहसील के राइन पाड़ा गांव मे पांच लोगों को पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। ग्रामीणों ने पांच लोगों को बच्चा चोर समझकर उन्हें पहले ईंट-पत्थर से मारा और फिर कमरे बंद कर बेरहमी से पीटा। कमरे में इतना मारा गया कि पांचों ने दम तोड़ दिया।