सितंबर 2008 में राष्ट्रीय राजधानी में हुए बटला हाउस एनकाउंटर में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के इंस्पेक्टर मोहन चंद शर्मा की हत्या के आरोप में दिल्‍ली की एक अदालत ने सोमवार को आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े आरिज खान को दोषी ठहराया।

अदालत ने खान को आईपीसी की धारा 186, 333, 353, 302, 307, 174A, 34 के तहत दोषी पाया है। उसे आर्म्‍स ऐक्‍ट की धारा 27 के तहत भी दोषी करार दिया गया है। एनकाउंटर के बाद आरिज भाग गया था, साल 2018 में उसे नेपाल से गिरफ्तार किया गया था।

आरिज खान पर 13 सितंबर 2008 में हुए बाटला हाउस एनकाउंटर के अलावा दिल्ली, अहमदाबाद, यूपी और जयपुर में हुए धमाकों में शामिल होने का आरोप है।

आरिज खान ने पिछले साल सितंबर में कोर्ट के सामने कहा था कि उसे झूठे मामले में फंसाया गया है। पटियाला हाउस कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव के समक्ष अंतिम दलील के दौरान उसने कहा था कि उस समय उसके फ्लैट से संबंधित होने या वहां उसकी उपस्थिति साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है।

अदालत ने आठ साल पहले एक अन्य आतंकवादी शहजाद अहमद को मामले के सिलसिले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

अदालत ने फैसले के दौरान जांच अधिकारी को कहा कि वो आरिफ खान और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति की जानकारी लेकर अगली तारीख को कोर्ट को बताएं।  उसी के बाद कोर्ट के द्वारा तय किया जा सकेगा कि परिवार से कितनी राशि वसूल की जाएगी।

आरिज़ खान उर्फ जुनैद मूल रूप से यूपी के आजमगढ़ का रहने वाला है। 2008 के बाद से आरिज कभी भी आजमगढ़ वापस नहीं गया था। आरिज़ इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा को गोली मारते हुए फरार हो गया था।