pfi

नई दिल्ली: झारखंड सरकार द्वारा पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) की झारखंड इकाई पर प्रतिबंध लगाने की मुस्लिम संगठनों के प्रमुख नेताओं ने एक स्वर में कड़ी आलोचना की है. मुस्लिम नेताओं ने प्रतिबंध को लोकतंत्र की हत्या के समान बताया है.

मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा कि पीएफआई एक देशव्यापी कल्याण और सामाजिक संगठन है जो पूरे देश में शैक्षणिक और सामाजिक सेवाएं मुहैया कराता है और पीड़ितों को भारतीय संविधान और कानूनों की सीमाओं के भीतर मदद करता है. यह कश्मीर के भूकंप पीड़ितों के लिए, पोर्ट प्लयर के सुनामी पीड़ितों के पुनर्वास कार्य में सक्रिय रहा है.

पीएफआई झारखंड में पुनर्वास कार्य में सक्रिय है और वहां भीड़ के शिकार लोगों के लिए कानूनी मदद की पेशकश कर रहा है. इससे पहले भी पीएसआई पर आईएसआईएस के साथ संबंधों के केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए आरोप गलत साबित हुए. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने पीएफआई के तथाकथित “लव जिहाद” में शामिल होने के आरोपों को खारिज कर दिया है.

pfii

वहीँ केरल और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों ने स्पष्ट किया है कि पीएफआई पर प्रतिबंध का समर्थन करने के लिए कोई सबूत नहीं हैं. इन परिस्थितियों में, राज्य और केंद्र सरकारों द्वारा पीएफआई पर आरोप लगाना अलोकतांत्रिक है और यह विश्वासघात करना है कि राज्यों और केंद्रों में सरकारें किसी भी तरह का विचारधारा को बर्दाश्त नहीं करती हैं और हर स्तर पर ऐसे विचारधारा को कुचलने का प्रयास करती हैं, जो लोकतंत्र के लिए हानिकारक है. नेताओं ने मांग की कि झारखंड में पीएफआई पर प्रतिबंध को तुरंत वापस लेना चाहिए.

यह बयान मौलाना वाली रहमानी,ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जनरल सेक्रेटरी और इमरत-ए शरियाह बिहार, झारखंड और उड़ीसा के प्रमुख, मौलाना महमूद मदनी, महासचिव जमीयत उल्लामा-ए हिंद; अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना मोहम्मद सज़ाद नोमनी; मौलाना मुफ्ती मुकर्रम अहमद, शाही इमाम और खतेब, फतेहपुरी मस्जिद, दिल्ली; मौलाना असरूल हक कस्मी, एमपी; मौलाना तौकीर रजा खान, अध्यक्ष इत्तेहाद-ए मिलत परिषद; प्रोफेसर अख्तरुल वासी, अध्यक्ष, मौलाना आजाद विश्वविद्यालय, जोधपुर; जकात फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ जफर महमूद; दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष और अखिल भारतीय मुस्लिम मजलिस-ए मुश्वरत के अध्यक्ष डॉ जफरुल-इस्लाम खान; और भारत के मुस्लिम राजनीतिक परिषद के अध्यक्ष डॉ. तस्लीम रेहमानी के द्वारा जारी किया गया है.

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?