sudhir mungantiwar

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मुंबई | दिवाली से ठीक पहले सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने पुरे देश में हलचल मचा दी. कोर्ट ने दिल्ली और पुरे एनसीआर रीजन में पटाखों के भण्डारण और बिक्री पर 31 अक्टूबर तक के लिए रोक लगा दी. कोर्ट के इस फैसले से पटाखा व्यापरियों में काफी रोष है. उनका कहना है की दुकानों में पटाखों का स्टॉक आ चूका है. बिक्री पर प्रतिबंध लगने की वजह से पटाखा व्यापारियों बर्बाद होने की कगार पर पहुँच गए है.

पटाखा व्यापारियों के अलावा देश की कई जानी मानी हस्तियों ने भी कोर्ट के फैसले पर अपनी अपनी प्रतिक्रियाए दी है. कुछ लोगो का मानना है की दिवाली पर पटाखे फोड़ने से पर्यावरण काफी प्रदूषित हो जाता है. खासकर बड़े शहरो में यह समस्या और भी बड़ी नजर आती है. दिवाली के बाद भी कई दिनों तक वायुमंडल में प्रदूषण का लेवल काफी बढ़ा रहता है. इसलिए काफी लोग सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत कर रहे है.

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इस कड़ी में महाराष्ट्र सरकार का भी नाम जुड़ चूका है. दरअसल खुद महाराष्ट्र सरकार भी पटाखों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है. महाराष्ट्र सरकार में पर्यावरण मंत्री रामदास कदम के अनुसार पटाखों पर बैन लगाने का सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही है. दिवाली में पटाखों के फोड़ने से बहुत प्रदूषण होता है. ना सिर्फ इंसान और जानवर, पशु-पक्षियों की सेहत पर बुरा असर होता है बल्कि पर्यावरण पर भी इसका बुरा असर पड़ता है.

शिवसेना नेता रामदास ने बताया की उन्होंने महाराष्ट्र में भी इस तरह की पहल करने की योजना पर विचार किया जा रहा है. इसके लिए मैं जल्द ही सीएम फडनविस से बात करूँगा. उधर राज्य के वित्त मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता सुधीर मुनगंटीवार से जब इस बारे में पुछा गया तो उन्होंने तपाक से जवाब देते हुए कहा की हिन्दू धर्म में कही नही लिखा की पटाखे फोड़ो. पटाखों और धर्म को अलग अलग रखना चाहिए.

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