Friday, September 24, 2021

 

 

 

बाल ठाकरे ने मुसलमानों को बताया था – कैंसर, कहा था देशद्रोही

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मुंबई. भाजपा की अगुआई वाली महाराष्ट्र सरकार ने शिवसेना ने दिवंगत संस्थापक बाल ठाकरे के स्मारक के लिए 100 करोड़ रुपए के बजट को मंगलवार को मंजूरी दे दी। ये मंजूरी एक ऐसे शख्स के लिए दी गई जिसका पूरा जीवन विवादों से भरा रहा। 1966 में महाराष्ट्र में शिव सेना (Shiv Sena) की स्थापना करने वाले ठाकरे की पूरी राजनीति अल्पसंख्यक और उत्तरी भारतियों के खिलाफ ही रही है। नफरत और डर की राजनीति करने के कारण चुनाव आयोग ने बाल ठाकरे (Bal Thackeray) के वोट डालने और चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

80 के दशक में बाल ठाकरे ने कहा था, ‘मुसलमान कैंसर की तरह फैल रहे हैं और उनका इलाज भी कैंसर की तरह ही होना चाहिए। देश को मुसलमानों से आजाद कराने की जरूरत है और पुलिस को हिंदुओं की ऐसे ही मदद करनी चाहिए जैसे पंजाब में पुलिस ने खालिस्तानियों की मदद की थी।’ 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद बाल ठाकरे के आह्वान पर शिवसैनिकों ने खुले आम उत्पात मचाया था। इस पर ठाकरे ने कहा था कि शिवसैनिकों ने जो किया वो सही था। हालांकि साल 1998 में दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि हमें मुसलमानों को भी अपना ही हिस्सा मानना चाहिए और सही से व्यवहार करना चाहिए। लेकिन 2008 में उन्होंने कहा कि मुसलिम आतंकवाद तेजी से बढ़ रहा है और इससे निपटने का तरीका सिर्फ हिंदू आतंकवाद ही है।

babri masjid

बाबरी विध्वंस के बाद बाल ठाकरे ने बेलगाम होकर मुसलमानों के खिलाफ भाषण दिए। उन पर भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज किया गया तो 1993 में उन्होंने कहा कि अगर मुझे गिरफ्तार किया गया तो पूरा देश उठ खड़ा होगा। ठाकरे ने तो यह तक कह दिया कि अगर मेरी वजह से देश में युद्ध होता है तो इसे होने दिया जाए। 1993 दंगों के दौरान मुसलमानों पर हमले करने के लिए लोगों को उकसाने के लिए सामना में लिखे गए लेखों के लिए ठाकरे को 25 जुलाई 2000 को गिरफ्तार किया गया था। ठाकरे को अदालत ने रिहा कर दिया था।

बाल ठाकरे ने थाणे और वाशी में हुए बम धमाकों के सिलसिले में 2008 में गिरफ्तार हुए हिंदू आतंकियों का खुलकर समर्थन किया था और जून 2008 में पार्टी मुखपत्र सामना में उन्होंने लिखा था कि मुसलमान आतंकियों से निपटने के लिए हिंदू आत्मघाती दस्तों की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि ‘मुसलमान बमों’ का जबाव देने के लिए ‘हिंदू बमों’ की जरूरत है। ठाकरे के इस बयान के बाद भाजपा ने भी उन्हें संयम बरतने की सलाह दी थी। महाराष्ट्र सरकार ने उन पर समुदायों के बीच में नफरत फैलाने का मामला दर्ज किया था।

साल 2010 में बाल ठाकरे ने टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा को उनके कपड़ों पर निशाना साधा था। जहां उन्होंने कहा सानिया अपने खेल की वजह से नहीं बल्कि अपने तंग कपड़ों, फैशन और प्रेम प्रसंगों की वजह से फेमस हैं।

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