Thursday, December 2, 2021

बागपत: भुगतान की मांग को लेकर धरने पर बैठे गन्ना किसान की मौत

- Advertisement -

बागपत: कैराना लोकसभा चुनाव से ठीक एक दिन पहले बागपत में 27 मई को प्रधानमंत्री की रैली होनी है. इस दौरान वे ईस्‍टर्न पेरीफेरल एक्‍सप्रेस-वे का उद्घाटन भी करने वाले है. वहीँ दूसरी और बड़ौत तहसील में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे एक किसान की मौत हो गई है.

21 मई से धरने पर बैठे करीब 50 गन्‍ना किसानों में से एक किसान उदयवीर सिंह ने दम तोड़ दिया. उनका शव धरना स्‍थल पर बर्फ की दो मोटी सिल्लियों के ऊपर रखा गया है. गौरतलब है कि बड़ौत में किसान संघर्ष समिति के बैनर तले पिछले पांच दिनों से बिजली के बढ़े बिल और गन्ने के बकाया भुगतान को लेकर क्षेत्र के किसान धरने पर बैठे थे.

किसानों का कहना है कि पिछले दो साल से घरेलू बिजली का रेट चार गुना बढ़ा दिया गया है और नलकूप का बिजली भार 100 हॉर्स पावर से 180 हॉर्स पावर कर दिया गया है, वहीं बिजली बिल पर इस वर्ष मार्च में पेनाल्टी ब्याज की छूट नहीं दी गई और न ही किसानों को इस सत्र का गन्ना भुगतान मिला है, जिस कारण किसान बढ़े हुए बिल का भुगतान करने में असमर्थ है.

किसानों ने कहा कि भाजपा ने राज्‍य की सत्‍ता में आने के 14 दिन के भीतर बकाया भुगतान का वादा किया था, उल्‍टे बिजली और महंगी कर दी है. धरने पर बैठे किसान की मौत को लेकर रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा, ‘जिमाना गांव के उदयवीर, गन्ना बकाया और बढ़े बिजली बिल के विरोध में क्षेत्र के किसानों के साथ 5 दिन से बड़ौत तहसील पर धरने पर थे. आज लड़ते-लड़ते उनका धरनास्थल पर निधन हो गया. किसान इस सरकार को सबक सिखाएगा.’

बागपत एडीएम लोकपाल सिंह शाह 6 बजे घटनास्‍थल पर पहुंचे और पहले सिंह के परिवार के लिए 5 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया, फिर उसे बढ़ाकर 12 लाख कर दिया। उन्‍होंने कहा, ”मैं सरकार को लिखूंगा कि मुआवजे की रकम बढ़ाकर 50 लाख रुपये की जाए जैसा किसान मांग कर रहे हैं.”

- Advertisement -

[wptelegram-join-channel]

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles