Monday, July 26, 2021

 

 

 

बाबरी मस्जिद केस: मुस्लिम पक्षकार ने पेश किए PWD दस्तावेज, जो साबित करेंगे…

- Advertisement -
- Advertisement -

अयोध्या में बाबरी मस्जिद केस में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ 23वें दिन भी सुनवाई की। सुन्नी वक्फ बोर्ड की ओर से शुक्रवार को  जफरयाब जिलानी ने निर्मोही अखाड़ा की मिल्कियत का दावा खारिज किया।

जिलानी ने कहा कि 22-23 दिसंबर की रात 1949 में गुंबबद के नीचे मूर्तियां रखे जाने के बाद मजिस्ट्रेट को विवादित इमारत से मूर्तियां हटाने का आदेश दिया गया था। मजिस्ट्रेट ने इस पर अमल करने से साफ इनकार करते हुए कहा कि अब ये मुमकिन नहीं है, सिर्फ अदालत के हुक्म से ही ये मुमकिन है।

जफरयाब जिलानी ने कहा कि 1949 के बाद विवादित स्थल को प्रशासन ने अपने संरक्षण में रखा। ये गलत फैसलों पर लगातार अमल जारी रखने की वजह से हुआ है। 1949 तक विवादित ढांचे में हर शुक्रवार लगातार नमाज़ अदा की जाती रही। सारी जानमाज उस इमारत में नहीं रखी जाती थीं लेकिन शुक्रवार को लाई जरूर जाती थीं। इसके पक्ष में उन्‍होंने दस्‍तावेजों को भी पेश किया।

babri masjid

उन्‍होंने कहा कि साल 1934 के सांप्रदायिक दंगों में वहां भवन क्षतिग्रस्त हुआ था। जिलानी ने पीडब्ल्यूडी की उस रिपोर्ट का भी हवाला दिया जिसमें कहा गया है कि पीडब्ल्यूडी ने भवन को पहुंचे नुकसान की मरम्मत कराई थी।  इससे पहले मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने 22वें दिन की सुनवाई में यूपी के मंत्री के बयान का जिक्र किया था।

धवन ने , ‘कल मेरे सहयोगी को सुप्रीम कोर्ट में अपशब्द कहे गए और परेशान किया गया क्योंकि मैं मुस्लिम पक्ष की तरफदारी कर रहा हूं। यह सब कुछ बहुत खराब माहौल तैयार कर रहा है। कुछ दिन पहले ही यूपी के एक मंत्री ने कहा था कि जगह हमारी है, मंदिर हमारा है और सुप्रीम कोर्ट भी हमारा है। मैं कितनी और अवमानना याचिका दाखिल करूं?’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles