babri masjid demolition

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बाबरी मस्जिद केस में संघ परिवार की और से कथित तौर पर डाले जा रहे मुस्लिमों पर कोर्ट से बाहर फैसला करने के दबाव को एक बार फिर से ऑल इंडिया मुस्‍लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने खारिज कर दिया है.

तीन दिवसीय बैठक के बाद बोर्ड की और से कहा गया कि बाबरी मस्‍जिद मामले में बोर्ड के रुख में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं हुआ है. मुसलमान बाबरी मस्‍जिद नहीं छोड़ सकते. उन्‍होंने कहा कि अदालत का जो भी फैसला आएगा उसे माना जाएगा.

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मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का कहना है कि वह 1993 के फैसले पर कायम रहेगा. शरियत के मुताबिक मस्जिद की जमीन किसी को न बेची जा सकती है न किसी को गिफ्ट की जा सकती है. अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है इसलिए अदालत का जो फैसला आएगा उसे हम मंजूर होगा.

बोर्ड की और से ये भी कहा गया कि यह आस्था का मामला नहीं बल्कि संपत्ति का मामला है. यह किसी की न तो जीत होगी और न किसी की हार होगी.. बल्कि यह इंसाफ की फतह होगी.

इस बैठक में सलमान नदवी के फॉर्मूले का अधिकांश सदस्यों ने विरोध किया और उनके खिलाफ एक्शन लेने की जमीन भी तैयार किया गया. माना जा रहा है कि जल्द ही सलमान नदवी को ऑल इंडिया पर्सनल बोर्ड से बाहर किया जा सकता है.

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