अलवर |  विदेशी कंपनियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा देने की ठान चुके योग गुरु बाबा रामदेव आजकल हर टीवी चैनल पर अपने उत्पादों का प्रचार करते हुए दिख जाते है. यही वजह है की पतंजली के उत्पाद आज हर घर की शोभा बढ़ा रहे है. लेकीन बाबा रामदेव केवल यही पर रुकना नही चाहते. वो हर उस क्षेत्र में पकड़ बनाना चाहते है जहाँ विदेशी कंपनियों का बोलबाला है. इसमें गारमेंट्स क्षेत्र प्रमुख है.

लेकिन इससे इतर लोग उस बाबा रामदेव को ज्यादा पसंद करते है जिसने कालाधन वापिस लाने के लिए पुलिस की लाठिया तक खायी थी. उस समय रामदेव् ने एक आंकड़ा देते हुए कहा की विदेशो में भारत का 400 लाख करोड़ रूपए कालाधन है. लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार , कालेधन को वापिस भारत लाने के लिए गंभीर नही है. यही वजह थी की रामदेव ने दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया था.

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

लेकिन अब केंद्र में बीजेपी की सरकार आ चुकी है. लोकसभा चुनाव् के समय रामदेव ने लोगो से अपील की थी की वो नरेन्द्र मोदी के लिए वोट करे जिससे की विदेशो में जमा कालाधन वापिस भारत आ सके. लेकिन मोदी सरकार बने तीन साल से ज्यादा का समय हो चूका है. अभी भी कालाधन को लेकर मोदी सरकार की और से कोई कदम नही उठाया गया है.

इस वजह से काफी लोग बाबा रामदेव से भी खफा है. उनका कहना है की कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले रामदेव मोदी सरकार के खिलाफ कब प्रदर्शन करेंगे. अब यह गुस्सा सडको पर भी दिखने लगा है. इसलिए बाबा रामदेव बुधवार को जब अलवर पहुंचे तो एरोपोर्ट में उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा. यहाँ वह पतंजली ग्रामोधोग के उद्घाटन के लिए आये थे. इस पुरे मामले की एक विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

यह विडियो गौरी कश्यप नाम के ट्वीटर हैंडल से ट्वीट किया गया. जिसको बाद में आप नेता अलका लाम्बा ने भी रीट्वीट किया है. दरअसल पतंजली गारमेंट्स सेक्टर में भी प्रवेश कर रही है. इसलिए बाबा रामदेव बुधवार को इसके उद्घाटन के लिए अलवर पहुंचे थे. लेकिन जैसे ही वह एअरपोर्ट के बाहर निकले तो वहां पहले से ही जमा काफी लोगो ने उनके खिलाफ नारे लगाए और कालेधन को वापिस लाने की मांग की.

Loading...