कोरोनावायरस के खिलाफ जारी जंग में शामिल होते हुए देश की बड़ी आईटी कंपनी विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने अपना खजाना खोलते हुए 1125 करोड़ रुपए दान करने का ऐलान किया है। हालांकि, यह पैसा पीएम केयर्स के तहत नहीं दिया जाएगा। बता दें कि अज़ीम प्रेमजी का नाम दुनिया के 9 सबसे बड़े दानवीरों में शामिल है।

कंपनी ने कहा कि इसमें विप्रो लिमिटेड ने 100 करोड़ रुपये, विप्रो एंटरप्राइजेज ने 25 करोड़ रुपये और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन ने एक हजार करोड़ रुपये का योगदान दिया है। बयान में कहा गया कि यह अजीम प्रेमजी फाउंडेशन की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के योगदान से अलग है।

विप्रो ग्रुप ने कहा, ‘कोविड-19 से पैदा हुए अभूतपूर्व स्वास्थ्य और मानवीय संकट को देखते हुए विप्रो लिमिटेड, विप्रो एंटरप्राइजेज और अजीमप्रेमजी फाउंडेशन मिलकर 1125 करोड़ रुपये खर्च करेंगे। यह पैसा प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद, स्वास्थ्य सुविधाओं आदि पर खर्च किया जाएगा।’ इसे अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के 1600 एम्प्लॉयीज की टीम द्वारा लागू किया जाएगा।

अज़ीम प्रेमजी 24 जुलाई 1945 को जन्मे भारतीय बिजनेस टाइकून, निवेशक, इंजीनियर और परोपकारी इस समय विप्रो लिमिटेड के अध्यक्ष हैं. उन्हें अनौपचारिक रूप से भारतीय आईटी उद्योग बादशाह भी कहा जाता है। साल 2013 में, उन्होंने द गिविंग प्लेज पर हस्ताक्षर करके अपने धन का कम से कम आधा हिस्सा देने पर सहमति व्यक्त की थी।

उन्होंने करीब 60 हजार करोड़ रुपये (800 करोड़ डॉलर) के दान के साथ दुनिया के 10 सबसे ज्यादा देने करने वालों की लिस्ट में पांचवे स्थान पर आते हैं।

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