Tuesday, September 28, 2021

 

 

 

CJI से बोले अटॉर्नी जनरल – हजारों मील चलकर आते हैं लोग, आप बिना सुने कह देते है ‘डिस्‍मिस्‍ड’

- Advertisement -
- Advertisement -

सुप्रीम कोर्ट की बेंच द्वारा बिना सुनवाई का पर्याप्‍त मौका दिए बिना याचिकाएं खारिज करने को लेकर अटॉर्नी जनरल केके वेगुणोपाल ने सोमवार को भारत के प्रधान न्‍यायाधीश रंजन गोगोई की अध्‍यक्षता वाली बेंच के सामने नाराजगी जाहीर की।

वेणुगोपाल ने कहा, “क्‍लाइंट्स काफी दूर से, हजारों मील का सफर तय कर आते हैं। वे पीछे खड़े होकर इस अदालत की ओर देखते हैं…उनके वकील मामला पढ़ते हैं और आप कहते हैं ‘डिस्‍मिस्‍ड’…. यह कोई तरीका नहीं है। माननीयों को उनकी बात सुननी चाहिए! बिना सुनवाई के याचिका खारिज कर देने से न्‍याय नहीं होता। यह किसी तरह से न्‍याय नहीं है। अन्‍य न्‍यायालयों की प्रक्रिया देखिए…।”

वेणुगोपाल की बात पर जस्टिस गोगोई ने जवाब देते हुए कहा, “जैसा आप कह रहे हैं, हम उसे सही भावना में लेते हैं। लेकिन यह मानकर मत चलिए कि हम तथ्‍यों पर ध्‍यान नहीं देते। हम मामला पढ़कर आते हैं।” इसके बाद सीजेआई ने अटॉर्नी जनरल को केंद्र की ओर से एक मामले में जिरह की इजाजत दे दी।

ranjan gogoi 620x400

दरअसल, सीजेआई का पदभार संभालने के बाद से जस्टिस गोगोई ने काफी दिखाई है। उन्होने ‘किसी की जान पर बनी होगी या अधिकारों का हनन हो रहा हो’ ऐसे मामलों के लिए जल्द सुनवाई के लिए तरजीह दी है।

अपने पहले रोस्‍टर में प्रधान न्‍यायाधीश ने तय किया था कि जनहित याचिकाओं, रिट पिटीशन, सामाजिक न्याय से जुड़े मामलों, चुनाव से संबंधित मामलों और संवैधानिक पदों पर नियुक्ति से जुड़े मुद्दों समेत अन्य बड़े मामलों की सुनवाई खुद करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles