गुजरात आतंकवाद विरोधी दल (एटीएस) ने रविवार को 2007 में राजस्थान के अजमेर दरगाह में हुए विस्फोट मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। भगोड़े सुरेश नायर को एटीएस अधिकारियों ने भरुच से गिरफ्तार किया। एटीएस को एक टिप ऑफ मिली थी कि सुरेश शुक्लतीर्थ के लिए नर्मदा नदी के किनारे जा रहा है।

नायर पर आरोप है कि अजमेर शरीफ में धमाका करने वालों को उसी ने बम मुहैया कराए थे। 2007 में अजमेर दरगाह बम विस्फोट में तीन लोग मारे गए थे और 17 घायल हो गए थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने उसकी गिरफ्तारी पर 2 लाख का इनाम घोषित किया था। तीन आरोपियों में से नायर भी एक था। बाकी दो संदीप डांगे और रामचंद्र हैं।

इससे पहले, मामले में उम्र कैद की सजा पाने वाले दो दोषियों में से एक भावेश पटेल को सितंबर 2018 में राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। भरूच में घल लौटने पर उसका किसी हीरो की तरह स्वागत किया गया था, जबकि पिछले साल मार्च में राजस्थान के जयपुर स्थित स्पेशल एनआईए कोर्ट ने पटेल (40) व देवेंद्र गुप्ता (42) को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

बता दें कि 11 अक्टूबर, 2007 को अजमेर स्थित दरगाह ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती दरगाह परिसर में इफ्तार से ठीक पहले रोजेदारों को निशाना बनाते हुए ब्लास्ट किया गया था। इस मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) कोर्ट ने सुनील जोशी व देवेंद्र गुप्ता को इसकी साजिश रचने व भावेश भाई पटेल को घटनास्थल पर विस्फोटक रखने का दोषी पाया था।

आरएसएस से जुड़े जोशी की इस घटना के कुछ ही दिनों बाद मौत हो गई थी। मध्य प्रदेश के देवास में उन्हें रहस्यमयी हालत में मृत पाया गया था, जिसकी बाद में जांच भी हुई थी।

Loading...