Saturday, July 24, 2021

 

 

 

मुस्लिम महिलाओं के साथ पुलिस ने की हैवानियत, आधी रात में कपड़े उतरवाकर…..

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असम के दरांग जिले में पुलिस का वहशियाना चेहरा सामने आया है। जहां तीन मुस्लिम बहनों की पुलिस ने कस्टडी में रखकर जुल्म की इंतहा कर दी। तीनों के कपड़े फाड़कर उन्हें निर्वस्त्र कर पीटा गया। इनमे से एक महिला गर्भवती भी थी। जिसके बच्चे की भी मौत हो गई।

घटना दरंग जिले के पुलिस आउटपोस्ट की है। पुलिस ने इन महिलाओं को एक मुस्लिम युवक पर हिंदू महिला को अगवा करने के आरोप के बाद हिरासत में लिया था।  फिलहाल पीड़ित महिलाओं का भाई पुलिस हिरासत में है। हालांकि गर्भवती महिला का कहना है कि उसका भाई और वह महिला पिछले दो सालों से एक दूसरे से प्यार करते हैं। वहीं दूसरी पीड़िता ने कहा कि उनके पास दोनों के रिश्ते के सारे सबूत और उनके भाई पर किडनैपिंग का झूठा इल्जाम लगाया गया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि हिंदू महिला ने अपने बयान में कहा है कि उसे जबरन ले जाया गया था।

पीड़िता के मुताबिक, ‘‘मेरा भाई सुबह 6:30 बजे उस महिला के साथ चौकी में आ गया। भाई ने पूछा कि केस उसके खिलाफ दर्ज है तो बहनों को टॉर्चर क्यों किया जा रहा है। इसके बाद उसे भी पीटा गया। हमें लगता है कि मेरा भाई और वह महिला एक-दूसरे से मुहब्बत करते हैं। मेरा भाई शादीशुदा है, लेकिन उसकी पत्नी साथ नहीं रहती है।’’

मुस्लिम युवती ने बताया, ‘‘जब हमारा भाई जेल में था, तब पुलिस चौकी में शर्मा और बोरो ने हमारे कपड़े फाड़ डाले और मारपीट की।’’ पीड़ित युवतियों ने अपने शरीर पर लगी चोटों के फोटोग्राफ्स भी दिखाए। 28 वर्षीय पीड़िता ने अपने गाल पर पड़े लाल निशान को दिखाते हुए बताया कि यह पुलिस के थप्पड़ मारने से हुआ। उसने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘‘जब हमने शर्मा से पूछा कि वह हमें क्यों ले जा रहा है? तो उसने पिस्टल दिखाते हुए कहा कि ज्यादा मत बोल। चौकी में मेरे पति को बंद करके रखा गया था। मेरी बहन के कपड़े फटे हुए थे  और उसे लाठी से पीटा गया था।’’

पीड़िता के मुताबिक, मेरी बहन के बाएं पैर में दिक्कत है, लेकिन वे उसके उसी पैर पर लाठी मारते रहे। मेरी बड़ी बहन के साथ भी मारपीट की गई। हमने पुलिसवालों को बताया कि वह प्रेग्नेंट है तो उन्होंने कहा कि नाटक मत करो। उन दोनों को पीटने के बाद उन्होंने मुझ पर हमला बोला और मारपीट की। हमें न्याय चाहिए। शर्मा और बिनीता समेत चौकी में मौजूद अन्य 4-5 पुलिसकर्मियों ने हमारे साथ जो किया, उन्हें उसकी सजा मिलनी चाहिए।

असम के डीजीपी कुलाधर सैकिया ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि इस मामले में चौकी इंचार्ज सब-इंस्पेक्टर महेंद्र शर्मा और महिला कॉन्स्टेबल बिनीता बोरो को मंगलवार (17 सितंबर) को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही, उनके खिलाफ केस भी दर्ज किया गया है। दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच बैठाई गई है, जिसकी रिपोर्ट 7 दिन में देने का आदेश जारी किया गया है।

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