असम: कर्फ्यू तोड़ मुस्लिम ऑटो ड्राईवर ने गर्भवती हिन्दू महिला को पहुंचाया अस्पताल

11:39 am Published by:-Hindi News

नमाज को लेकर सांप्रदायिक हिंसा झेल रहे असम के हैलाकांडी में एक मुस्लिम ऑटो ड्राईवर ने इंसानियत की बड़ी मिसाल पेश की है। मुस्लिम ऑटो रिक्शावाले ने कर्फ्यू तोड़ते हुए प्रसव पीड़ा झेल रही हिंदू महिला को अस्पताल पहुंचाया। हैलाकांडी में दो दिन पहले हुई हिंसा के चलते कर्फ्यू लगा है।

समय पर अस्पताल पहुंची महिला ने बेटे को जन्म दिया है। उसने बच्चे का नाम ‘शांति’ रखा है। डिप्टी कमिश्नर ने ड्राइवर मकबूल का शुक्रिया अदा किया। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को हुई साम्प्रदायिक हिंसा में पुलिस की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि 15 अन्य घायल हुए थे।

जिला पुलिस अधीक्षक मोहनेश मिश्रा के साथ हैलाकांडी उपायुक्त कीर्ति जल्ली महिला नंदिता और उसके पति रूबन दास के घर पहुंची और कहा, ‘हमें हिंदू-मुस्लिम एकता के ऐसे और उदाहरणों की आवश्यकता है।’ उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने रूबन के पड़ोसी और ऑटो चालक मकबूल से भी मुलाकात कर उन्हें अपने दोस्त की मदद करने और जिले में कायम तनाव को कम करने के लिए उनका शुक्रिया अदा किया।

प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद रूबन को नंदिता को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस की जरूरत थी। कहीं से भी कोई मदद ना मिलने पर रूबन के पड़ोसी मकबूल मदद के लिए सामने आए और कर्फ्यू की परवाह किए बिना नंदिता को सही समय पर अस्पताल पहुंचाया।

शहर के काली बाड़ी स्थान पर स्थित एक मस्जिद के सामने सड़क पर शुक्रवार की नमाज पढे जाने के लिए इकट्ठा हुए एक समुदाय के लोगों पर दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने पत्थर फेंके और नमाज मस्जिद के बाहर ना पढ़ने को कहा। जिसके बाद ये हिंसा शुरू हुई।

एक घायल व्यक्ति की सिलचर मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में रात में मौत हो गई। झड़प के बाद केवल हैलाकांडी शहर में शुक्रवार दोपहर एक बजे से अनश्चितिकालीन कर्फ्यू लगाया गया था।

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