असम के जोरहाट जिले की एक अदालत ने चाय बगान अस्पताल में एक डॉक्टर की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में सोमवार को 25 लोगों को दोषी ठहराया है। इसके साथ अगले दिन अदालत ने एक व्यक्ति को मृत्युदंड जबकि 24 अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई।

यह घटना 31 अगस्त, 2019 को उस समय हुई थी जब वरिष्ठ मेडिकल ऑफिसर देबन दत्ता (73) पर भीड़ ने हमला कर दिया जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गये और बाद में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच कर कुछ लोगों को हिरासत में लिया था, जिसके बाद अब कोर्ट ने पूरे मामले में 25 लोगों को दोषी ठहराया है।

अदालत ने पच्चीस वर्षीय संजय राजोवर को मृत्युदंड तो अन्य दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 1000-1000 रूपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना नहीं चुकाने पर अतिरिक्त एक महीने की सज़ा का प्रावधान है। मुकदमे के दौरान, एक अभियुक्त की हिरासत में मृत्यु हो गई और उसके खिलाफ निर्णय को रोक दिया गया।

डॉक्टर पर 31 अगस्त, 2019 को तीक चाय एस्टेट के अस्पताल में एक बाग़ कार्यकर्ता की मौत के बाद हमला किया गया था, जो वहाँ इलाज करवा रहा था। डॉक्टर, जो अपनी सेवानिवृत्ति के बाद पारिश्रमिक के बिना काम कर रहे थे, बाद में जोरहाट मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।

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