मुजफ्फरनगर दंगों में दो मुस्लिम भाइयों के म’र्डर से जुड़े चश्मदीद की गोली मारकर ह’त्या

11:38 am Published by:-Hindi News

मुजफ्फरनगर में इंदिरा मूर्ति के निकट बाइक सवार तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर असबाब नामक एक शख्स की उस समय हत्या कर दी गई जब वह एक दुकान पर दूध पहुंचाने जा रहा था। खतौली पुलिस स्टेशन से कुछ ही मीटर दूरी पर इस घटना को अंजाम दिया गया। धारा 302 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

मंसूरपुर के गांव खेड़ी तगान निवासी दूधिया असबाब के दो सगे भाइयों शाहिद व नवाब की नौ सितंबर 2013 में हुए सांप्रदायिक दंगे के दौरान उस समय हत्या कर दी गई थी, जब वे खेड़ी तगान से दूध लेने के लिए गांव मथेड़ी जा रहे थे। इस संबंध में रतनपुरी थाने में असबाब ने ही अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच के उपरांत घटनास्थल मंसूरपुर थाना क्षेत्र का पाया गया था। इस पर मंसूरपुर थाना पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए गांव मथेड़ी के युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेेेजा था। उक्त मुकदमा फिलहाल कोर्ट में ट्रायल पर चल रहा है, जिसमें अब 25 मार्च की तिथि सुनवाई के लिए निर्धारित की गई है।

उधर, दो भाइयों की एक साथ हत्या होने के बाद असबाब ने परिजनों के साथ गांव छोड़ दिया था और खतौली के मोहल्ला इस्लामनगर में आकर रहने लगा था। यहां रहते हुए ही वह गांव खेड़ी तगान से दूध लाकर कस्बे में स्थित अग्रवाल डेयरी पर सप्लाई करने लगा था। असबाब के दोनों भाइयों शाहिद व नवाब की हत्या का मामला कोर्ट में विचाराधीन है, जिसमें वह मुख्य गवाह था। आशंका जताई जा रही है कि असबाब की गवाही रोकने के लिए ही साजिश के तहत उसकी हत्या की गई है। परिजन भी उसी मामले से घटना को जोड़ते हुए असबाब की हत्या किए जाने का आरोप लगा रहे हैं। मामले में एसपी सिटी सतपाल अंतिल का कहना है कि उक्त मुकदमे की भी जानकारी ली जा रही है। विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है, जिसके लिए टीम का भी गठन किया गया है।

muja

खतौली के एसएचओ हरिशरन शर्मा का कहना है कि नवाब और शाहिद की हत्या का संबंध मुजफ्फरनगर दंगों से नहीं है। दंगों के स्थिति के दौरान कुछ अलग से अपराध की घटनाएं सामने आए थी जिन्हें पुलिस सुलझाने में लगी है।15-20 मामले हत्या के सामने आए थे। असबाब के भाईयों की हत्या का मामला भी उन्हीं में से एक है। सरकारी सलाहकार जितेंद्र त्यागी का कहना है कि असबाब के परिवार को पुलिस सुरक्षा मुहौया नहीं कराई गई थी। कोर्ट की छुट्टी के चलते सात आरोपियों के खिलाफ साज शुरू नहीं हो पाई थी।

असबाब की पत्नी मीना ने कहा कि आरोपियों के नाम लेने के बाद उनको धमकियां मिल रही थी। वह लोग हमारे घर आए और कहा कि वह अपने हिसाब से न्याय करेंगे। पहले उन्होंने हमसे हमारे दो भाई छीन लिए और अब मेरा पति छीन लिया।मीना के तीन बच्चों के लिए पुलिस ने सुरक्षा दी है। दो पुलिस वाले मीना के घर के बाहर तैनात किए गए हैं।

खानदानी सलीक़ेदार परिवार में शादी करने के इच्छुक हैं तो पहले फ़ोटो देखें फिर अपनी पसंद के लड़के/लड़की को रिश्ता भेजें (उर्दू मॅट्रिमोनी - फ्री ) क्लिक करें