सोमवार को केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा सीएम अरविंद केजरीवाल और अन्य आप नेताओं के खिलाफ डीडीसीए मानहानि के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के समक्ष अरुण जेटली का क्रास एग्जामिनेशन हुआ. इस दौरान केजरीवाल की तरफ से अरुण जेटली का क्रास एग्जामिनेशन वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने किया. वहीँ क्रास एग्जामिनेशन के दौरान अरुण जेटली की तरफ से प्रतिभा सिंह, राजीव नय्यर और संदीप सेठी मौजूद थे.

घंटों तक चली इस बहस में जेठमलानी ने जेटली से सवाल पूछा कि, ‘वो इस बात को समझाएं कि कैसे उनके सम्मान को पहुंचे चोट की भरपाई नहीं हो सकती और ये नुकसान मापे जाने योग्य नहीं है’  उन्होंने आगे कहा, वह किस तरह अपनी प्रतिष्ठा को पहुंची ठेस के लिए कह रहे हैं कि ‘उसकी भरपाई नहीं हो सकती? और उसे आंका नहीं जा सकता.’ और कहीं यह मामला ‘खुद को महान समझने’ का तो नहीं है.

उन्होंने कहा कि ‘मेरे ख़िलाफ़ जो भी आरोप लगाए गए वो मीडिया मे जाकर लगाये गए,पार्लियामेंट मे भी इसी तरह के सवाल मेरे ऊपर खड़े किये गए, मेरी छवि को ख़राब करने की कोशिश की गई और ये लगातार 5 दिन तक किया गया. मेरी छवि को जिस तरह से ख़राब किया गया उसकी क्षतिपूर्ति नहीं की जा सकती और ये तब भी किया जाता रहा जबकि की मैं इन आरोपो का लगातार खंडन करता रहा.’

मानहानि की रकम पर जेटली ने कहा, मेरे सम्मान को पहुंचे नुकसान के लिए जो मैंने कीमत लगाई है वो उस बड़ी क्षति का एक बहुत ही छोटा सा हिस्सा है जो दरअसल मुझे पहुंची है. उन्होंने आगे कहा, मेरी मानहानि की क्षतिपूर्ति पैसे के आधार पर मुश्किल है. बहरहाल परिवार, दोस्तों या समाज के बीच जो मेरा महत्व या साख है, उस आधार पर 10 करोड़ का दावा किया है.

इस पर जेठमलानी ने पलटवार करते हुए कहा ‘दूसरे शब्दों में यह आपका मानना है कि आप इतने महान हैं कि इसे आर्थिक तौर पर नहीं मापा जा सकता.’ इस पर फिर जेटली ने जवाब दिया कि उन्होंने यह सब उन विचारों के आधार पर कहा है जो उनके दोस्त, शुभचिंतक और अन्य लोग, निजी और सार्वजनिक तौर पर इस विषय पर जाहिर कर चुके हैं.

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