djhâæðàæÜ ×èçÇuØæ ÂÚ ÁæÚuè ãué¥æ ×æñÜæÙæ ¥ÚàæÎ ×ÎÙè ·¤æ â¢ç΂Šæ ÂæðsÅuÚÐ
DJHâæðàæÜ ×èçÇUØæ ÂÚ ÁæÚUè ãUé¥æ ×æñÜæÙæ ¥ÚàæÎ ×ÎÙè ·¤æ â¢ç΂Šæ ÂæðSÅUÚÐ

जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना महमूद मदनी द्वारा आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के खिलाफ दिये गए बयान को लेकर पहले ही बवाल मचा हुआ है। इसी बीच अब सोशल मीडिया पर जमीयत के दूसरे गुट के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी का एक पोस्टर वायरल हो रहा है।

इस पोस्टर में जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी असदुद्दीन ओवैसी का समर्थन कर रहे है।इस पोस्टर पर लिखा है कि ओवैसी को मुसलमान अपना लीडर कबूल करें। हालांकि अरशद मदनी ने इस पोस्टर को फर्जी करार दिया। उन्होने कहा कि वह कोई सियासी आदमी नहीं है जो किसी सियासी बयान पर अपना समर्थन दें। उन्होंने कहा कि वह ना किसी का समर्थन करते हैं और ना ही किसी की मुखालफत।

Loading...

बता दें कि जमीयत उलमा-ए-¨हद (महमूद मदनी गुट) के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व राज्यसभा सांसद मौलाना महमूद मदनी ने अपने बयान में कहा कि वह ओवैसी को इंडियन मुस्लिम का नेता नहीं बनने देंगे। उन्हे केवल आंध्रा और तेलंगाना तक ही सीमित होना पड़ेगा। उन्होने कहा कि उन्हे कतई मंजूर नहीं की ओवैसी हैदराबाद से बाहर निकले। उन्होने ये भी कहा कि ओवैसी को मुस्लिमों का नेता बनना है तो हैदराबाद के मुसलमानो का नेता बने।

इस बयान के सामने आने के बाद बवाल मचा गया है। जिस पर जमीयत उलमा – ए- हिंद के मीडिया इंचार्ज अजीमुल्लाह सिद्दीकी ने पेश की है। उन्होने कहा कि मौलाना महमूद मदनी ने असदुद्दीन या उनकी पार्टी को बुरा नहीं कहा। बल्कि पिछले काफी दिनों से ओवैसी जिस तरह आरएसएस के बयानों पर पलटवार कर रहे हैं, उसको लेकर मौलाना मदनी ने यह बातें कही हैं।

उन्होने कहा कि ओवैसी के बयानों से लग रहा है कि पूरे भारत का मुसलमान आरएसएस पर हमलावर हो रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि भारत का मुसलमान कभी भी हिंदू विरोधी नहीं रहा। सिद्दीकी ने बताया कि मौलाना मदनी का वीडियो करीब 15 दिन पुरानी है, जो मुंबई में हुए कार्यक्रम की है।

वहीं एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष शहजाद आलम बरनी ने मदनी परिवार पर कॉंग्रेस की दलाली करने का आरोप लगाया। बरनी ने कहा कि देश में 5-6 मौलानाओं के परिवार 70 साल से कांग्रेस की दलाली कर मुसलमानों को सुरक्षा का डर दिखा रहे हैं। उन्होने कहा, महमूद मदनी को राजनीति में नहीं पड़ना चाहिए, बल्कि उलेमा को उलेमा की तरह रहना चाहिए।

उन्होने ये भी कहा, असदुद्दीन ओवैसी की मुखालफत करना किसी भी तरह से इस्लाम का हिस्सा नहीं है। एक तरफ मुसलमानों की तरक्की की बात कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ एक मुसलमान को कामयाब नहीं होने देंगे, तो फिर यह कौन सा इस्लाम है।

पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि मौलाना को अपनी राजनीतिक दुकान बंद होते दिखाई दे रही है, इसलिए घबरा रहे हैं। इन मौलानाओं ने पिछले 70 साल से मुसलमानों को इस पर डराया कि अगर महफूज रहना है, तो कांग्रेस के साथ रहिए।

शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें