Saturday, September 18, 2021

 

 

 

आर्मी चीफ़ का बड़ा बयान -भारत के साथ मिलकर रहना है, तो पाक को धर्मनिरपेक्ष देश बनना होगा

- Advertisement -
- Advertisement -

नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा से जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित गलियारे की आधारशिला रखने के बाद भारत की और दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए कहा कि अगर भारत एक कदम आगे बढ़ाता है तो वह दो कदम आगे बढ़ाएंगे।

इस मामले में अब भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत का कहना है कि “वे (पाकिस्तान) कह रहे हैं कि आप एक कदम बढ़ाइए, हम दो कदम बढ़ाएंगे… जो वे कह रहे हैं, उसमें विरोधाभास है… उनकी तरफ से उठने वाला एक कदम भी सकारात्मक तरीके से उठाया जाना चाहिए, हम देखेंगे कि उसका ज़मीनी रूप से कोई असर पड़ा है या नहीं… तब तक हमारे देश की नीति कतई स्पष्ट है – आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते…”

रावत ने कहा, “पाकिस्तान ने खुद को इस्लामिक देश बना लिया है… अगर उन्हें भारत के साथ मिलकर रहना होगा, तो उन्हें धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के तौर पर विकसित होना होगा… हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं… यदि वे हमारी तरह धर्मनिरपेक्ष बनना चाहते हैं, तभी उनके पास कोई अवसर हो सकता है…”

उन्होने कहा, “आप देखेंगे कि सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका बढ़ रही है… हम अब तक उन्हें फ्रंट-लाइन कॉम्बैट की भूमिका में नहीं लाए हैं, क्योंकि हमारा मानना है कि हम फिलहाल तैयार नहीं हैं… पश्चिमी देशों का माहौल ज़्यादा खुला है… बड़े शहरों में यहां भी लड़के और लड़कियां एक साथ काम कर रहे हैं, लेकिन सेना में लोग सिर्फ बड़े शहरों से नहीं आते हैं…”

नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने करतारपुर में गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारत के गुरदासपुर जिले में स्थित डेरा बाबा नानक गुरुद्वारा से जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित गलियारे की आधारशिला रखने के बाद भारत की और दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए कहा कि अगर भारत एक कदम आगे बढ़ाता है तो वह दो कदम आगे बढ़ाएंगे।

इस मामले में अब भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत का कहना है कि “वे (पाकिस्तान) कह रहे हैं कि आप एक कदम बढ़ाइए, हम दो कदम बढ़ाएंगे… जो वे कह रहे हैं, उसमें विरोधाभास है… उनकी तरफ से उठने वाला एक कदम भी सकारात्मक तरीके से उठाया जाना चाहिए, हम देखेंगे कि उसका ज़मीनी रूप से कोई असर पड़ा है या नहीं… तब तक हमारे देश की नीति कतई स्पष्ट है – आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते…”

रावत ने कहा, “पाकिस्तान ने खुद को इस्लामिक देश बना लिया है… अगर उन्हें भारत के साथ मिलकर रहना होगा, तो उन्हें धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के तौर पर विकसित होना होगा… हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं… यदि वे हमारी तरह धर्मनिरपेक्ष बनना चाहते हैं, तभी उनके पास कोई अवसर हो सकता है…”

उन्होने कहा, “आप देखेंगे कि सशस्त्र बलों में महिलाओं की भूमिका बढ़ रही है… हम अब तक उन्हें फ्रंट-लाइन कॉम्बैट की भूमिका में नहीं लाए हैं, क्योंकि हमारा मानना है कि हम फिलहाल तैयार नहीं हैं… पश्चिमी देशों का माहौल ज़्यादा खुला है… बड़े शहरों में यहां भी लड़के और लड़कियां एक साथ काम कर रहे हैं, लेकिन सेना में लोग सिर्फ बड़े शहरों से नहीं आते हैं…”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles