arm

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत सोमवार को आतंकियों द्वारा शहीद किए गए सिपाही औरंगजेब के परिजनों से मुलाकात की। वह पुंछ जिले स्थित शहीद औरंगजेब  के घर पहुंचे और उनके परिवार को दिलासा दिया।

सेना प्रमुख यहां करीब आधा घंटे तक रुके। इस दौरान सेना प्रमुख ने शहीद सिपाही औरंगजेब के भाई की भी हिम्मत बढ़ाई। बता दें कि आतंकियों ने पुलवामा से औरंगजेब का अपहरण कर लिया था जब वह ईद मनाने अपने घर जा रहे थे। इसके बाद 14 जून को उनका गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ था। आतंकियों ने उनके सिर और गर्दन में  गोली मार दी थी।

औरंगजेब भारतीय सेना की 23 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। औरंगजेब खूंखार आतंकी और हिजबुल कमांडर समीर टाइगर का एनकाउंटर करने वाली टीम का हिस्सा भी थे।सेना से रिटायर्ड उनके पिता ने केंद्र की मोदी सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि सरकार 72 घंटे में औरंगजेब के कातिलों को मौत के घाट उतारे।

aurangzeb 3 news 1528972055 618x347

हनीफ ने कहा कि अगर 72 घंटे में ऐसा नहीं हुआ तो मैं खुद बेटे की शहादत का बदला लूंगा। उन्होंने कहा, मेरे बेटे ने देश के लिए जान कुर्बान की है। केंद्र और राज्य सरकार को आतंकवाद के खात्मे के लिए ठोस कदम उठाने ही होंगे।

इधर हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकियों ने एक वीडियो जारी किया है। जिसके बारे में कहा जा रहा है कि आतंकियों ने औरंगजेब को मारने से पहले उन्हें काफी टॉर्चर भी किया था और यह वीडियो उसी का है।

मुस्लिम परिवार शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें

Loading...

विदेशों में धूम मचा रहा यह एंड्राइड गेम क्या आपने इनस्टॉल किया ?