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आज देश कारगिल युद्ध के शहीदों का गम बना रहा है तो दूसरी और उनके परिवार न्याय के लिए अब भी तरस रहे है। इन शहीदों मे एक नाम कैप्टन सौरभ का भी है। उन्हे पाकिस्तान ने अंरराष्ट्रीय युद्ध नियमों व सिद्धांतों को ताक पर रखकर जेल में मौत की नींद में सुला दिया।

ऐसे मे अब न्याय के लिए कैप्टन सौरभ कालिया के पिता एनके कालिया का कहना है कि वह जल्द ही इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे। कालिया ने कहा, ‘हम समझते हैं कि यह दो देशों के बीच एक मुद्दा है, मैं आशावादी हूं और लड़ाई जारी रखूंगा। उन्होंने कहा कि सौरभ कालिया का मुद्दा भारतीय सशस्त्र बल की गरिमा और सम्मान का मुद्दा है, जिसको उठाना जरूरी है।

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बता दें कि कैप्टन सौरभ पाकिस्तान सेना के गिरफ्त में थे और उनको जेल में कैद कर रखा गया था। इनकी मौत के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, रक्षामंत्री तथा गृह मंत्री ने शहीद सौरभ के पिता से वादा किया था कि वे न्याय दिलाएंगे। लेकिन शहीद सौरभ के पिता ने विजय दिवस के मौके पर दुख और दर्द के साथ कहा कि उनके बेटे के लिए आवाज नहीं उठाई गई। उनके न्याय के लिए वादा किया गया लेकिन किसीने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मुद्दे को नहीं उठाया है।

सौरभ कालिया के साथ उनके पांच साथी नरेश सिंह, भीखा राम, बनवारी लाल, मूला राम और अर्जुन राम को भी पाकिस्तान ने 22 दिनों तक यातनाएं दी। तीन हफ्ते बाद उनके शव क्षत-विक्षत हालत में सेना के पास लौटे। कहा जाता है कि जिस वक्त भारतीय सेना को ये शव मिले थे, उस वक्त उन्हें पहचानना भी मुश्किल था। हालांकि जब-जब भारत की तरफ से ये मुद्दा उठाया गया है, पाकिस्तान इन आरोपों को खारिज करता आया है।

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