लोकपाल की नियुक्ति में हो रही देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को मोदी सरकार को लताड़ लगाते हुए तत्काल लोकपाल नियुक्त करने का आदेश दिया हैं. साथ ही बिल में किसी भी संशोधन की जरूरत से भी इनकार किया हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है,’लोकपाल ऐक्ट आज जिस रूप में है वो अपने आप में सक्षम है और नियुक्ति के लिये किसी केंद्र सरकार को संशोधन के इंतज़ार की ज़रूरत नहीं है.’ ये फैसला सुनाया लोकपाल की नियुक्ति को लेकर दायर तमाम याचिकाओं पर न्ययाधीश रंजन गोगोई और नवीन सिन्हा की बेंच ने सुनाया हैं.

दरअसल लोकपाल की नियुक्ति में हो रही देरी के लेकर 7 जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं. जिस पर केंद्र सरकार की ओर से AG मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि लोकपाल की नियुक्ति वर्तमान हालात में  संभव नहीं है. लोकपाल बिल में कई सारे संशोधन होने हैं जो संसद में लंबित हैं.

ऐसे में कोर्ट ने कहा ये मामला न्यायपालिका में नियुक्ति का नहीं है बल्कि लोकपाल की नियुक्ति का है. न्यायपालिका को अधिकारों के बंटवारे का सम्मान करना चाहिए और संसद को ये निर्देश जारी नहीं करने चाहिए कि लोकपाल की नियुक्ति करे. ये संसद की बुद्धिमता पर निर्भर है कि वो बिल पास करे.

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