कोरोना के चलते लोगों से घरों पर नमाज पढ़ने की जा रही अपील

कोरोना वायरस के चलते मुंबई में कई मस्जिदों ने एहतियाती तौर पर नमाज से पहले हौज में वुजू करने पर रोक लगा दी है। वसाई-विरार इलाके में नगर निगम के अधिकारियों ने लोगों से मस्जिदों में आने के बजाय घर पर ही नमाज अदा करने की अपील की है।

एक मौलवी ने कहा कि शहर की कई मस्जिदों ने कालीन (चटाइयां) हटा दी हैं ताकि हर नमाज से पहले फर्श की अच्छी तरह सफाई की जा सके। कई मस्जिदों ने लोगों से हौज में वुजू करने के बजाय नलों से निकलने वाले पानी से वुजू करने की अपील की है। कुछ मौलवियों ने कहा कि नमाजी घर से ही वुजू करके मस्जिद आ सकते हैं। माहिम जामा मस्जिद के ट्रस्टी फरहाद खलील ने कहा, ‘लोग को सलाह दी गई है कि वे फर्ज नमाज अदा करने के लिये मस्जिद में आएं और सुन्नत तथा नफिल घर पर भी पढ़ सकते हैं।’

वहीं लखनऊ में ईदगाह के इमाम राशिद फिरंगी महली ने कोरोनावायरस को लेकर एक एडवायजरी जारी की है। उन्होंने कहा है मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि बड़ी मस्जिदों में नमाज अदा करने की बजाए घर पर ही या मोहल्ले की मस्जिद में इबादत करें तो बेहतर है। राशिद फिरंगी महली ने कहा- ”हमने एक एडवायजरी जारी की है जिसमें कहा गया है कि लोग बड़ी मस्जिदों में नमाज अदा करने में परहेज करें। इसकी बजाए लोग घर पर या मोहल्ले की मस्जिद में ही नमाज अदा कर सकते हैं। खासतौर से शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज को लेकर यह अपील की गई है।”

इसके अलावा मौलाना कलबे जवाद नकवी ने आसिफी मस्जिद में जुमे की नमाज को दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया है। इसके साथ ही देशभर के इमामों से भी नमाजे जुमा स्थगित करने की अपील की। फिलहाल आम दिन पांच वक्त की नमाज मस्जिद में ही अदा होगी। यह पाबंदी हर शुक्रवार होने वाले जुमे की नमाज पर ही रहेगी।

मस्जिद के इमाम-ए-जुमा मौलाना मोहसिन तकवी ने बताया कि लोगों से जुमे की नमाज घर से ही अदा करने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि यह रोक इस शुक्रवार के साथ ही अगले शुक्रवार को भी रहेगी। इसके बाद हालात को देखते हुए आगे फैसला लिया जाएगा। वैसे, यह फैसला लखनऊ से आया है।

इस बारे में उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के मद्देनजर इमाम-ए-जुमा मौलाना कलबे जवाद नकवी ने एलान किया है कि 20 और 27 मार्च को लखनऊ की आसिफी मस्जिद में नमाजे जुमा नहीं होगी। उस फैसले को देखते हुए कश्मीरी गेट स्थित मस्जिद में भी जुमे की नमाज नहीं कराने का फैसला किया गया है।

विज्ञापन