नई दिल्ली: शाहीन बाग में संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के विरोध में धरने पर बैठी महिलाओं ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को करारा जवाब दिया है। महिलाओं ने कहा कि सीएम योगी को CAA कानून समझ में आ गया है तो फिर वह ही हमें क्यों नहीं आकर समझा देते हैं।

दरअसल, योगी आदित्यनाथ ने शाहीन बाग के प्रदर्शन को लेकर लखनऊ में एक सभा में कहा था कि शाहीन बाग में पुरुषों ने घर की महिलाओं को आगे कर दिया है और ये महिलाएं इतनी ठंड में भी बच्चे लेकर रोड पर बैठीं हैं, जबकि उनके पति घर में रजाई के अंदर सो रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं आपको यह बताना चाहता हूं कि जो महिलाएं सीएए के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैं उन्हें कानून की जानकारी तक नहीं है।

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जारी किया नोटिस

इसी बीच राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने दक्षिण पूर्व दिल्ली (South East Delhi) के डीएम को लेटर लिखकर शाहीन बाग में प्रदर्शन में बच्चों को शामिल करने पर जवाब मांगा है। इसके साथ ही इन बच्चों की पहचान कर काउंसलिंग करवाने की सलाह भी दी।

लेटर के अनुसार, इस संबंध में शिकायत मिली है कि ये बच्चे वीडियो में यह बता रहे हैं कि देश के पीएम और होम मिनिस्टर उन्हें नागरिकता का कागज दिखाने को बोल रहे हैं, अगर उन्होंने ये कागज नहीं दिखाये तो उन्हें डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा, जहां उन्हें खाना खाने और कपड़े पहनने की अनुमति नहीं होगी।

आयोग ने साउथ ईस्ट दिल्ली के डीएम से अनुरोध किया है कि इस मामले की गंभीरता और इसका बच्चों पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए संबंधित अधिकारी डीसीपीओ के साथ पुलिस चाइल्ड वेलफेयर ऑफिसर को जरूरी निर्देश जारी कर इन बच्चों की पहचान करें। साथ ही इन बच्चों और जरूरत पड़ने पर इनके माता पिता की काउंसलिंग कराएं। अगर जरूरत पड़े तो इन बच्चों को आयोग के सामने भी पेश किया जाए।

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