Wednesday, August 4, 2021

 

 

 

रामदेव पर भड़के दलित संगठन – पतंजलि के उत्पादों के बहिष्कार का ऐलान

- Advertisement -
- Advertisement -

दलितों, आदिवासी समूहों, मुसलमानों और दिवंगत द्रविड़ नेता पेरियार के समर्थकों पर ‘बौद्धिक आतंकवाद’ फैलाने का आरोप लगाने वाले रामदेव के लिए बड़ी मुसीबत पैदा हो गई है।  दरअसल, कई दलित और आदिवासी संगठनों ने पतंजलि के उत्पादों का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर #Shutdownpatanjali ट्रेंड करने लगा।

कई लोगों ने इस प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बाबा रामदेव और पतंजलि पर उन्हें धोखा देने का आरोप लगाया। कुछ लोगों का यह भी कहना था कि पतंजलि के प्रोडक्ट भी कई बार क्वालिटी चैकिंग में फेल हो गए।

द टेलिग्राफ में छपी खबर के मुताबिक, ऑल इंडिया अंबेडकर महासभा, ऑल इंडिया बैकवर्ड एंड माइनॉरिटी कम्युनिटीज एंप्लॉइज फेडरेशन और भीम आर्मी ने रामदेव के कथित बयान की आलोचना की है और उन्हें ‘मनु स्मृति’ को बढ़ावा देने वाला शख्स करार दिया है।

दलितों और आदिवासी समूहों के हितों की वकालत करने वाले अंबेडकर महासभा के अध्यक्ष अशोक भारती ने कहा, ‘रामदेव के कहे शब्दों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उनके बयान से पोल खुल चुकी है कि वह मनुवादी विचारधारा में विश्वास रखते हैं। हमने पतंजलि के उत्पादों के बहिष्कार का ऐलान किया है।’

बता दें कि वीडियो में रामदेव ने कथित तौर पर कहा, ‘राम से लेकर कृष्ण तक के वक्त में हम पर हमेशा शासन किया गया। लेकिन फिर दलित आए। मूल निवासियों को लेकर एक आंदोलन हुआ। वे कहते हैं कि वे मूल निवासी हैं जबकि बाकी बाहर से आए हैं। ये आदिवासी और मुस्लिम संगठन हैं।’

रामदेव ने आगे कथित तौर पर कहा, ‘पेरियार जो एक नास्तिक थे, उन्होंने ईश्वर के अनुयायियों को मूर्ख करार दिया और धर्म को जहर बताया। उनका संदेश फैल रहा है। वे हमारे संतों के चरित्र हनन कर रहे हैं। यह बौद्धिक आतंकवाद है। यह देश को बांट देगा।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles