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नई दिल्ली। अन्ना हजारे केंद्र में लोकपाल की नियुक्ति को लेकर 30 जनवरी से अनशन करेंगे। शनिवार को अन्ना ने इसकी जानकारी दी है। अन्ना महाराष्ट्र में अपने गांव रालेगण सिद्धि में अनशन करेंगे। अन्ना हजारे का कहना है कि लोकपाल की नियुक्ति को लेकर केंद्र की मोदी सरकार कतई संजीदा नहीं है और इसे टाल रही है।

हजारे ने कहा कि अगर लोकपाल होता तो राफेल ‘घोटाला’ नहीं हुआ होता। उन्होंने कहा, मेरा पास राफेल से जुड़े कई कागजात हैं और मैं दो दिन इनका अध्ययन करने के बाद दूसरा संवाददाता सम्मेलन आयेाजित करूंगा। अन्ना ने कहा कि मुझे एक बात समझ नहीं आती कि समझौते से एक महीने पहले बनी एक कंपनी को इसमें सहयोगी कैसे बनाया गया।

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उन्होंने कहा कि अतीत में सरकार लिखित में कह चुकी है कि वह लोकपाल कानून पारित करेगी और किसानों को पेंशन तथा डेढ गुना अधिक न्यूनतम समर्थन मूल्य उपलब्ध कराएगी लेकिन कुछ नहीं हुआ। अन्ना हजारे ने कहा कि अब मैं और झूठे आश्वासनों पर भरोसा नहीं करूंगा और जीवन रहने तक भूख हड़ताल जारी रखूंगा।

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हजारे ने कहा कि किसी संवैधानिक संस्था का आदेश लागू नहीं करना देश को लोकतंत्र से तानाशाही की तरफ ले जाता है। यह सरकार भी ऐसा ही कर रही है। यह कैसी सरकार है जो उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन नहीं करती। यह सरकार है या कोई बनिया की दुकान।

अन्ना हजारे ने 2011 में लोकपाल और लोकायुक्तों की नियुक्ति के लिए बड़ा आंदोलन किया था। इसके बाद भी वो लगातार लोकपाल की मांग करते रहे हैं।

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