लोकपाल को लेकर यूपीए सरकार की नाक में दम कर देने वाले अन्ना हजारे को अब जाकर लोकपाल की याद आई हैं. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने लोकपाल कानून लागू नहीं कर लोगों का भरोसा तोड़ा है.

राजस्थान के अलवर में तरुण भारत संघ के तीन दिवसीय वर्कशॉप के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि वे लोकपाल के लिए मोदी सरकार के खिलाफ दिल्ली के रामलीला मैदान में सत्याग्रह करेंगे.

अन्ना ने कहा, ‘यह बात (सत्याग्रह) पिछले कुछ दिनों से मेरे दिमाग में है. मैंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सवाल पूछा कि आखिर क्यों उनकी सरकार लोकपाल की नियुक्ति को गंभीरता से नहीं ले रही है?’ अन्ना ने बताया कि रामलीला मैदान पर 2011 में उनके भूख हड़ताल से देशभर का ध्यान इस ओर गया. इसी के बाद हम संसद में लोकपाल बिल पास करवाने में कामयाब हुए.

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उन्होंने कहा, जब मौजूदा सरकार लोकपाल नियुक्त करने में आनाकानी कर रही है तब उनके पास इसके सिवा (सत्याग्रह) कोई चारा नहीं है. अन्ना ने कहा, ‘मोदी सरकार जब सत्ता में आई तो मुझे भरोसा था कि यह सरकार लोकपाल नियुक्त करेगी, लेकिन पिछले तीन सालों में यह अब तक नहीं किया गया. मुझे (पिछले तीन साल के दौरान) हर वक्त देशभर से भ्रष्टाचार को लेकर शिकायतें मिलती रहीं.

उन्होंने कहा, मैं पिछले तीन सालों से चुप था लेकिन मुझसे और लोगों से किया गया वादा पूरा नहीं किया गया. अब वह इसी साल जुलाई में आंदोलन शुरू करेंगे.

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