अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस कम्यूनिकेशंस का दिवाला निकलता हुआ दिख रहा है। कानूनी पचड़ों में फंस चुकी कंपनी पर देनदारों बकाया है। ऐसे में रिलायंस टेलिकॉम और उसकी यूनिट रिलायंस कम्यूनिकेशंस लि. के सभी 144 बैंक खातों में कुल मिलाकर 19.34 करोड़ रुपये बचे हैं।

अमेरिकन टावर कॉर्प की ओर से दायर मुकदमें के सिलसिले में दिल्ली हाई कोर्ट को दी गई ऐफिडेविट में दोनों कंपनियों ने यह कहा है। बॉस्टन की कंपनी अमेरिकन टावर कॉर्प ने आरकॉम पर करीब 230 करोड़ रुपये बकाये का दावा किया है। बता दें कि करीब 46000 करोड़ रुपए के कर्ज के बोझ तले दबी रिलायंस कम्यूनिकेशंस का पिछले साल वायरलैस ऑपरेशन भी बंद हो चुका है, जिससे कंपनी के रेवेन्यू को तगड़ा झटका लगा है।

इकॉनोमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस ने कोर्ट में दिए अपने हलफनामे में बताया है कि उसके रिलायंस कम्यूनिकेशंस के 119 बैंक खातों में सिर्फ 17.86 करोड़ रुपए की रकम जमा है। वहीं रिलायंस कम्यूनिकेशंस की यूनिट रिलायंस टेलीकॉम के 25 खातों में 1.48 करोड़ रुपए जमा हैं।

कर्ज के बोझ तले दबी रिलायंस कम्यूनिकेशंस को रिलायंस जियो के साथ होने वाले 18,000 करोड़ रुपए के सौदे से काफी उम्मीद थी। दरअसल इस सौदे से अनिल अंबानी की कंपनी को वायरलैस स्पेक्ट्रम बेचकर यह रकम मिलनी थी। लेकिन डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्यूनिकेशंस ने इस सौदे को अभी तक मंजूरी नहीं दी है और इस सौदे के लिए रिलायंस कम्यूनिकेशंस से 2,947 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी की डिमांड की है।

दूसरी और मुकेश अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस जियो शानदार सफलता हासिल कर रही है। अब खबर आयी है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने मंगलवार को सिर्फ एक दिन में अपनी कंपनी के बॉण्ड्स बेचकर करीब 3000 करोड़ रुपए उगाहे हैं।

Loading...
विज्ञापन
अपने 2-3 वर्ष के शिशु के लिए अल्फाबेट, नंबर एंड्राइड गेम इनस्टॉल करें Kids Piano