मुंबई. रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी (59) को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने राफेल डील की जांच की मांग वाली याचिकाएं खारिज कर दीं।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का शुक्रवार को स्वागत करते हुए उन्होने कहा कि इससे यह साबित हो गया कि उनकी कंपनी के खिलाफ लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित और गलत थे। बता दें कि राफेल के निर्माता दसॉ एविएशन ने ऑफसेट प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए अंबानी की रिलायंस डिफेंस लिमिटेड (आरडीएल) के साथ एक समझौता किया था।

अंबानी ने एक स्टेटमेंट में कहा, ‘मैं माननीय सुप्रीम कोर्ट के राफेल सौदे को लेकर दायर की गई जनहित याचिकाओं को खारिज करने के शुक्रवार के फैसले का स्वागत करता हूं. इससे यह साबित हो गया कि निजी तौर पर मुझ पर और रिलायंस समूह पर लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठ, बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित थे।’

rafale deal 650x400 41518172565 696x312

उन्होंने कहा, ‘भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और दसॉ एविएशन ऑफ फ्रांस के साथ ऑफसेट समझौते समेत रक्षा के महत्वपूर्ण क्षेत्र में सरकार की मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया नीतियों के प्रति योगदान देने को लेकर हम प्रतिबद्ध हैं।’

सुप्रीम कोर्ट के फैसले में प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि लड़ाकू विमानों की जरूरत है और देश इन विमानों के बगैर नहीं रह सकता है। तीन सदस्यीय पीठ की तरफ से फैसला पढ़ते हुए प्रधान न्यायाधीश गोगोई ने कहा कि लड़ाकू विमानों की खरीद की प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नहीं है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि कीमतों के तुलनात्मक विवरण पर फैसला लेना अदालत का काम नहीं है। पीठ ने कहा कि खरीदी, कीमत और ऑफसेट साझेदार के मामले में हस्तक्षेप के लिए उसके पास कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। अदालत की निगरानी में राफेल सौदे की जांच कराने की मांग करने वाली विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने यह फैसला सुनाया।

शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें