Anil Ambani addressing Reliance capital annual general meeting at Birla Matoshri on Tuesday. Express photo by Prashant Nadkar, Mumbai, 21/07/2009

नई दिल्ली: रिलायंस कम्युनिकेशंस और एरिक्सन मामले में अनिल अंबानी को बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी और दो अन्य डायरेक्टर्स को एरिक्सन मामले में कोर्ट की अवमानना का दोषी ठहराया है।

अदालत ने अनिल अंबानी समूह की दूसरी कंपनी रिलायंस टेलीकॉम के चेयरमैन सतीश सेठ और रिलायंस इन्फ्राटेल की चेयरपर्सन छाया विरानी को भी दोषी माना है। कोर्ट ने कहा है कि एरिक्सन को 4 हफ्ते में 453 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाए। चूक हुई तो अनिल अंबानी, सतीश सेठ और छाया विरानी को 3 महीने की जेल होगी।

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कोर्ट ने आरकॉम, रिलायंस टेलीकॉम और रिलायंस इन्फ्राटेल पर 1-1 करोड़ रुपए की पेनल्टी भी लगाई है। 4 हफ्ते में कोर्ट की रजिस्ट्री में जुर्माने की रकम जमा नहीं हुई तो 1 महीने अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी पड़ेगी। अदालत ने निर्देश दिए हैं कि रिलायंस समूह ने कोर्ट की रजिस्ट्री में जो 118 करोड़ रुपए पहले जमा किए थे वो एरिक्सन को जारी कर दिए जाएं।

आरकॉम ने कहा है कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। इसका पालन किया जाएगा। अनिल अंबानी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा, ‘‘हम उच्चतम न्यायालय के फैसले का सम्मान करते हैं। मुझे भरोसा है कि आरकॉम आदेशों का आदर करेगा।’’

गौरतलब है कि रिलायंस ग्रुप के अध्यक्ष अनिल अंबानी और अन्य के खिलाफ बकाया भुगतान नहीं करने पर टेलिकॉम उपकरण निर्माता एरिक्सन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। कोर्ट में एरिक्सन इंडिया ने आरोप लगाया था कि रिलायंस ग्रुप के पास राफेल विमान डील में निवेश के लिए रकम है लेकिन वे उसके 550 करोड़ के बकाये का भुगतान करने में असमर्थ है।

अंबानी ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि बड़े भाई मुकेश अंबानी ने नेतृत्व वाली रिलायंस जियो के साथ संपदा की बिक्री का सौदा विफल होने के बाद उनकी कंपनी दिवालियेपन के लिये कार्यवाही कर रही है ऐसे में रकम पर उसका नियंत्रण नहीं है।

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