cji shah

गुवाहाटी. भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई को कामाख्या मंदिर की हाल की यात्रा के दौरान इंतजार करना पड़ा। दरअसल, मंदिर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल भी दर्शन कर रहे थे।

इस मामले में शनिवार को गुवाहाटी पश्चिम के पुलिस उपायुक्त (Deputy Commissioner of Police) और कामरूप जिले के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (Additional Deputy Commissioner) को निलंबित कर दिया। दोनों अधिकारियों को प्रधान न्यायाधीश की सुरक्षा में चूक को लेकर निलंबित किया गया।

गृह विभाग द्वारा राज्यपाल के नाम पर जारी आदेश के मुताबिक अखिल भारतीय सेवा नियम 1969 के नियम 3 (1) के तहत डिप्टी कमिश्नर भंवर लाल मीणा और एडिशनल डिप्टी कमिश्नर प्रसांत प्रतीम कठकोटिया को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

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बता दें कि CJI रंजन गोगोई और उनकी पत्नी बीते 17 अक्टूबर को गुवाहाटी आए थे। उनके कार्यक्रम के बारे में सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी संबंधित महकमों को सूचित किया था। अखबार द हिंदू के अनुसार, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री सोनोवाल भी उसी समय कामाख्या मंदिर पहुंचे थे, जिसके कारण CJI रंजन गोगोई और उनकी पत्नी को करीब 30 मिनट तक इंतजार करना पड़ा।

बाद में सीजेआई ने मंदिर में भीड़ प्रबंधन को लेकर अपनी नाराजगी से कामरूप (शहर) जिला उपायुक्त वीरेंद्र मित्तल को अवगत कराया था। इसके बाद भाजपा नीत असम सरकार ने उच्चतम न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश की पर्याप्त सुरक्षा सुनिश्चित नहीं करने को लेकर शनिवार को यह कार्रवाई की।

गृह विभाग के आदेश में कहा गया है कि कामाख्या मंदिर में सीजेआई के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई जिस वजह से उन्हें असुविधा हुई। एनडीटीवी से बातचीत करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता देबब्रत सैकिया ने राज्य की भाजपा सरकार पर चापलूसी का आरोप लगाया है।

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा,” चीफ जस्टिस गोगोई मंदिर के बाहर इंतजार करते रहे जबकि राजनीतिक हस्तियों को अंदर दर्शन करवाए जा रहे थे।”

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