केरल में CAA विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने की एतिहासिक चर्च में की नमाज अदा

कोच्चि: केरल में सांप्रदायिक सौहार्द के इतिहास में एक नया अध्याय खोलते हुए, पास के कोठामंगलम के एक प्राचीन चर्च ने सैकड़ों मुस्लिमों के लिए नमाज़ अदा करने के हेतु अपने द्वार खोल दिए, जो CAA विरोध में भाग ले रहे थे।

केरल के मुसलमानों के एक प्रभावशाली आध्यात्मिक नेता सैय्यद मुनव्वर अली शिहाब थंगल ने कहा, “भारत में असली भावना का अनुभव तब हुए जब कोठमंगलम में एक प्राचीन चर्च के अधिकारियों ने हमें मग़रिब नमाज़ की पेशकश की।”

दरअसल, ऑल इंडिया प्रोफेशनल कांग्रेस (AIPC) के केरल चैप्टर द्वारा आयोजित “धर्मनिरपेक्ष मार्च” शनिवार को चर्च के पास चेरिया पल्ली के रूप में पहुँचा तो मग़रिब की नमाज़ (सूर्यास्त के बाद की जाने वाली नमाज़) वक्त हो गया। ऐसे में चर्च के अधिकारियों से संपर्क किया गया और उनसे अनुरोध किया कि वे चर्च परिसर में मुसलमानों को नमाज अदा करने की अनुमति दें।

उन्होंने कहा कि चर्च के अधिकारियों ने तुरंत चर्च के लोहे के दरवाजों को खोल दिया, पूरे दिल से उनके मुस्लिम भाइयों का स्वागत किया। चर्च के मुख्य पुजारी ने प्रार्थना की सुविधा के लिए कालीन और माइक्रोफोन की भी व्यवस्था की। “चर्च के अधिकारियों द्वारा किया गया कार्य… यह हमारे बीच एक तरह की भावना उत्पन्न करता है… इसे समझाने के लिए कोई शब्द नहीं। हम धर्मनिरपेक्षता और भारत की आत्मा का अनुभव कर सकते हैं, ”

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विभाग AIPC का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता कुझलनदान ने कहा, “यह वह संदेश है जिसे हमने धर्मनिरपेक्ष मार्च के माध्यम से पहुंचाना है।”

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