हाथरस केस में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में कार्यरत दो कैजुअल्टी मेडिकल अफसरों को बर्खास्त कर देने के दो दिन बाद फिर से बहाल कर दिया गया। दोनों डॉक्टरों को फिर से लीव वैकेंसी पर बहाल किया गया है।

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के अस्थायी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अजीम मलिक और डॉक्टर ओबैद से सोमवार को सीबीआई ने पूछताछ की थी। जिसके बाद एएमयू के वाइस चांसलर ने दोनों डॉक्टर्स को टर्मिनेट कर दिया था।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी ओमर सलीम पीरजादा ने बताया कि यह लीव वैकेंसी का केस था जो खत्म हो गई थी अब कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर की रिक्वायरमेंट के चलते सर्विस देने के लिए निमंत्रण दिया गया है।

बता दें कि मलिक ने अतिरिक्त महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा था कि फॉरेंसिक रिपोर्ट के लिए 11 दिन बाद सैंपल लिए जाने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि इससे रेप होने की पुष्टि नहीं हो सकती है, जबकि सरकारी दिशानिर्देशों के मुताबिक, फॉरेंसिक रिपोर्ट में सही परिणाम आने के लिए घटना के 96 घंटे के भीतर सैंपल लिया जाना चाहिए।

डॉक्टर ओबैद ने कहा था कि मैं मेडिकल ऑफिसर के पोस्ट पर था। मुझे आज एक लेटर मिला है कि अपॉइंटमेंट कैंसिल किया जाता है और अब से आप ड्यूटी पर नहीं आइए। कारण हमें बताया नहीं गया है। यह तो मैं कह नहीं सकता क्या कारण रहा है।

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