amit shah in tension 1 696x447

नई दिल्ली । मीटू अभियान में फँसे भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर की मुश्किलें बढ़ सकती है।  केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्री मेनका गांधी ने शुक्रवार को कहा कि मीटू में राजनेताओं पर लगे आरोपों समेत, सभी इल्जामों की जांच होनी चाहिए। हालाँकि बाक़ी भाजपा नेता इस मामले में बोलने से अभी बच रहे है।

लेकिन इस मामले में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच होगी। मालूम हो कि उन पर किसी एक महिला पत्रकार ने नहीं, बल्कि कई महिला पत्रकारों ने योन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।

ये पहला मौका है जब बीजेपी के किसी राजनेता ने स्पष्ट रूप से अकबर का नाम लेते हुए जांच की बात कही है। अमित शाह ने अपने बयान में कहा की यह देखना पड़ेगा कि ये सच है या झूठ। हमें इस आरोप और आरोप लगाने वाले की सच्चाई की जांच करानी होगी। आप तो मेरा नाम लेकर भी कुछ भी लिख सकते हैं। इस पर जरूर सोचना होगा।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

एम जे अकबर पर महिलाओं को मीटिंग के नाम पर होटल के कमरे में बुलाने के आरोप लगे है। देश के सबसे प्रभावशाली संपादकों में से एक रहे एमजे अकबर, द टेलीग्राफ, द एशियन एज के संपादक और इंडिया टुडे के एडिटोरियल डायरेक्टर रहे हैं। सबसे पहले उनका नाम वरिष्ठ पत्रकार प्रिया रमानी ने लिया था।

उन्होंने एक साल पहले वोग इंडिया के लिए श्टू द हार्वे वाइंस्टींस ऑफ द वर्ल्ड नाम से लिखे अपने लेख को रीट्वीट करते हुए ऑफिस में हुए उत्पीड़न के पहले अनुभव को साझा किया। रमानी ने अपने मूल लेख में एमजे अकबर का कहीं नाम नहीं लिया था, लेकिन सोमवार को उन्होंने ट्वीट किया कि वो लेख एमजे अकबर के बारे में था।उसके बाद से पांच अन्य महिलाओं ने भी एमजे अकबर से जुड़े अपने अनुभव साझा किए हैं।

Loading...