audrey 2018081006501995 650x

मुगल बादशाह औरंगजेब पर किताब लिखने वाली अमेरिकी लेखिका ऑड्री ट्रुश्के ने लुटियंस में औरंगजेब रोड का नाम बदलने को लेकर पूछा कि आखिर पृथ्वीराज रोड या अकबर रोड का नाम क्यों नहीं बदला जा रहा है, उन्होंने भी तो अपने समय में तमाम हिंसक कृत्य किये हैं।

‘औरंगजेब: द मैन एंड द मिथ’ की लेखिका का कहा कहना है, मैं औरंगजेब के नाम पर कुछ करने के लिए लॉबिंग नहीं करूंगी क्योंकि ऐसा करने की कोई वजह नहीं है। लेकिन समस्या यह है कि औरंगजेब रोड का नाम बदलने में उसे जानबूझ कर निशान बनाया गया।
बता दें कि ट्रुश्के 11 अगस्त को हैदराबाद में भारत-इस्लामिक अतीत के संबंध में एक व्याख्यान देने वाली थीं, जिसे हिन्दुवादी संगठनों की कथित धमकियों के बाद रद्द कर दिया गया है।
ट्रुश्के का कहना है कि औरंगजेब मध्ययुगीन मूल्यों को मानने वाले मुस्लिम शासक थे। न्याय की उनकी अवधारणा इस्लाम और भारतीय परिवेश- दोनों से प्रभावित थी। इसलिए उनका मूल्यांकन आधुनिक आधार पर करने के बजाय उनके समय और समाज में प्रचलित मूल्यों के आधार पर करने की जरूरत है।
ट्रुश्के की पुस्तक “औरंगजेब: द मैन एंड द मिथ” कुछ ही दिन पहले प्रकाशित हुई है और उसके प्रकाशन से इस मुगल सम्राट के जीवन और राज्यकाल पर नितांत नई दृष्टि से देखे जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है।