अमेरिका के वॉशिंगटन स्थित थिंक टैंक फ्रीडम हाउस (Freedom House) ने फ्रीडम स्कोर को नीचे कर भारत को ‘PARTLY FREE’ कैटेगरी में डाल दिया गया है। इससे पहले भारत फ्री कैटेगरी में था।

संस्था ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि साल 2014 से जब से भारत में नरेंद्र मोदी की सरकार आई है तब से भारत में नागरिक स्वतंत्रता का क्षरण हो रहा है। रिपोर्ट में राजद्रोह के केस का इस्तेमाल, मुस्लिमों पर हमले और लॉकडाउन के दौरान लगाए गए प्रतिबंधों का जिक्र है।

रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में बहुदलीय लोकतांत्रिक व्यवस्था है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिन्दू राष्ट्रवादी भारतीय जनता पार्टी की सरकार भेदभाव की नीतियां अपना रही हैं, इस दौरान हिंसा बढ़ी है और मुस्लिम आबादी इसका शिकार हुई है। सरकार में मानवाधिकार संगठनों में दबाव बढ़ा है, लेखकों और पत्रकारों को डराया जा रहा है, कट्टरपंथ से प्रभावित होकर हमले किए जा रहे हैं, जिनमें लिंचिंग भी शामिल हैं, और इसका निशाना मुस्लिम बने हैं।

वहीँ भारत सरकार ने शुक्रवार को अमरीकी संगठन फ़्रीडम हाउस की रिपोर्ट को भ्रामकऔर अनुचित बताया है। एक बयान जारी कर सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने कहा कि देश में संघीय ढांचा है और अनेक राज्‍यों में विपक्षी दलों की सरकारें हैं जो ये बताता है कि भारत में लोकतंत्र है और विभिन्‍न विचारधाराओं को यहां महत्‍व दिया जाता है।

बीबीसी के अनुसार, बयान में कहा गया है कि देश में किसी ख़ास समुदाय के लोगों के साथ भेदभाव की नीतियां अपनाए जाने का आरोप ग़लत है और संविधान द्वारा दिए गए समानता के अधिकार के तहत सरकार के लिए सभी नागरिक एकसमान हैं। सरकार ने कहा कि क़ानूनों पर अमल करते समय किसी ख़ास समुदाय का वर्ग के साथ भेदभाव नहीं किया जाता और एक समान प्रक्रिया का पालन किया जाता है।

साल 2019 में दिल्ली में हुए हिंसक दंगों के बारे में सरकार ने अपने बयान में कहा कि क़ानून और व्‍यवस्‍था लागू करने वाली एजेंसियों ने तेज़ी से और पूरी निष्पक्षता से अपना काम किया। उन्होंने स्थिति को काबू में करने के लिए उचित कार्रवाई की।

राजद्रोह क़ानून के दुरुपयोग को लेकर, सरकार ने कहा है कि सार्वजनिक व्यवस्था और पुलिस प्रशासन राज्य के विषय हैं और क़ानून और व्यवस्था बनाए रखने की ज़िम्मेदारी मुख्य रूप से राज्यों के पास होती है, क़ानून को अमल में लाने वाली एजेंसियां व्‍यवस्‍था बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाती हैं।